हार्दिक पांड्या और मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल 2024 सीजन की शुरुआत अच्छी नहीं रही है। हर मैच के साथ ही यह और भी जटिल होता जा रहा है। हार्दिक को रोहित शर्मा की जगह मुंबई की कप्तानी संभालने पर हार्दिक को फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि टीम को उनकी कप्तानी में लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि हार्दिक को अब पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का साथ मिला है। सहवाग का कहना है कि मुंबई को रोहित की कप्तानी में भी पांच मैचों में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन टीम इसके बाद जीत की पटरी पर लौटने में सफल रही थी।
हार्दिक हो रहे हूटिंग का शिकार
हार्दिक के लिए सीजन का पहला मैच ही अच्छा नहीं रहा था, जबकि होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम पर खेले गए मैच के दौरान भी हार्दिक को फैंस के गुस्से का सामना करना पड़ा था। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए पिछले मैच में जब हार्दिक टॉस करने आए तो उन्हें मुंबई के फैंस ने बू किया। इससे प्रेजेंटर संजय माजरेकर भी नाराज हुए थे और उन्होंने दर्शकों से उचित व्यवहार करने की अपील की थी। हालांकि लगातार तीन मैच हारने से हार्दिक के नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं।
'हार्दिक को हटाने के पक्ष में नहीं हैं सहवाग'
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मिली हार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने कहा था कि हो सकता है अब मुंबई रोहित को दोबारा कप्तानी सौंप दे। हालांकि सहवाग इस सलाह से सहमत नहीं है। उनका कहना है कि मुंबई का इतिहास ही टूर्नामेंट में धीमी शुरुआत करने का रहा है। सहवाग ने साथ ही कहा कि जब रोहित मुंबई की कमान संभालते थे उस वक्त टीम को शुरुआत में लगातार पांच हार का सामना करना पड़ा था। सहवाग ने कहा, इस टीम ने रोहित की कप्तानी में लगातार पांच मैच भी हारे हैं, लेकिन इसके बाद उन्होंने सफल वापसी की थी इसलिए उन्हें हार्दिक के मामले में थोड़ा संयम रखने की आवश्यकता है। यह उनके स्टेट्स है। अभी टीम 0-3 से पीछे है, लेकिन हो सकता है कि इससे आगे निकल जाएं। इससे टीम प्रबंधन के संयम की परीक्षा भी हो रही है।
'नहीं लगता कि मुंबई अभी कप्तान बदलने के बारे में विचार कर रहा है'
सहवाग ने कहा, इससे पहले 2-3 फ्रेंचाइजी भी ऐसा कर चुकी हैं। पंजाब, चेन्नई ने ऐसा किया है। सीएसके ने जडेजा को कप्तानी सौंपी थी, लेकिन फिर महेंद्र सिंह धोनी को कमान सौंप दी थी। ये सब टूर्नामेंट के बीच में हुआ था। मुझे नहीं लगता है कि मुंबई अभी कप्तान बदलने के बारे में विचार कर रहा है। आप तीन मैचों के बाद अपना कप्तान नहीं बदल सकते। इससे टीम में सही संदेश नहीं जाएगा। हां, सात मैचों के बाद जब आधा टूर्नामेंट खत्म हो जाएगा, उस वक्त आप प्रदर्शन के आधार पर कोई फैसला ले सकते हैं।