पूर्व भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले ने गेंदबाजों को लेकर चिंता जाहिर की है। कुंबले को डर है कि अगर क्रिकेट का खेल बल्लेबाजों के पक्ष में झुका रहा तो अगले कुछ वर्षों में काफी अधिक युवा गेंदबाजी करने के लिए तैयार नहीं होंगे। उन्होंने गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बहाल करने के लिए आईपीएल स्थलों में जितनी अधिक लंबी संभव हो उतनी बाउंड्री रखने और गेंद में अधिक उभरी हुई सीम रखने वकालत की।
आईपीएल 2024 में बन रहे रिकॉर्ड रन
आईपीएल के मौजूदा सीजन में तूफानी बल्लेबाजी देखने को मिली है। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने दो बार टूर्नामेंट का सबसे ज्यादा स्कोर खड़ा किया। मौजूदा सत्र में छोटी बाउंड्री, सपाट पिचों और इंपेक्ट प्लेयर नियम के कारण बल्लेबाजी में मदद मिलने के कारण 250 रन से अधिक का स्कोर आठ बार बन चुका है। महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर की तरह कुंबले को भी लगता है कि अधिकतम बाउंड्री रखना समय की मांग है। आईपीएल के खेलने के हालात के अनुसार मैदान स्क्वायर बाउंड्री से बाउंड्री तक न्यूनतम 150 गज (137.16 मीटर) होगा, जबकि छोटी बाउंड्री कम से कम 65 गज (59.43 मीटर) की होगी।
बड़ी बाउंड्री रखने की वकालत की
सभी प्रारूपों में भारत के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज कुंबले ने कहा, यह वास्तव में गेंदबाजों के लिए कठिन रहा है, खासकर टूर्नामेंट के पहले भाग में। मैं निश्चित रूप से मानता हूं कि आपको हर स्थान पर अधिकतम बाउंड्री रखने की जरूरत है। कोशिश करें और स्थल पर सबसे बड़ी बाउंड्री बनाएं। शुरुआत के लिए, आप डगआउट को स्टैंड में ले जा सकते हैं। मुझे पता है कि आप कुछ सीटें खो देंगे लेकिन ऐसा होता है। फिर दूसरा पहलू यह है कि शायद सफेद गेंद पर थोड़ी अधिक उभरी हुई सीम हो जिससे कि थोड़ी अधिक मूवमेंट हो। हमने देखा है कि गेंद एक ओवर के बाद या कभी-कभी उससे भी कम समय में स्विंग करना बंद कर देती है।
उन्होंने कहा, आपको बल्ले और गेंद के बीच संतुलन की जरूरत होती है। आप सिर्फ दौड़कर नहीं आते रह सकते क्योंकि कुछ वर्षों बाद आपके पास गेंदबाजी से जुड़ने के लिए बहुत अधिक युवा खिलाड़ी नहीं होंगे। हर कोई बल्लेबाज बनना चाहता है। आपको गेंदबाजों को भी इस खेल का हिस्सा बनाने की जरूरत है और संतुलन बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।