भारतीय महिला टीम अगले महीने यूएई में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए तैयारी कर रही है। भारत 2020 में इस टूर्नामेंट का उपविजेता रहा था और इस बार उसे छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, श्रीलंका और न्यूजीलैंड के साथ ग्रुप ए में रखा गया है। भारतीय टीम की तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है और हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम की नजरें खिताब का सूखा समाप्त करने पर टिकी होंगी।
न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होगा भारत का अभियान
टी20 विश्व कप में अभियान शुरू करने से पहले भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तैयारियों को लेकर जानकारी दी और कहा कि भारतीय खिलाड़ी लंबे समय से मानसिक रूप से मजबूत बनने पर काम कर रहे हैं उन्हें इस वैश्विक टूर्नामेंट में मदद मिलेगी। भारत टी20 विश्व कप में चार अक्तूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा और फिर छह अक्तूबर को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा। भारतीय टीम नौ अक्तूबर को श्रीलंका से भिड़ेगी। यह तीनों मैच दुबई में खेले जाएंगे। भारत ग्रुप चरण में अपना आखिरी मैच 13 अक्तूबर को शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेगा।
हरमनप्रीत ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत बनने पर काम कर रहे हैं जिससे मैच के महत्वपूर्ण अवसरों पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने एक स्पोर्ट्स चैनल से कहा, हम लंबे समय से मानसिक मजबूती पर काम कर रहे हैं। मैच के दौरान आखिरी तीन चार ओवर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। टी20 क्रिकेट कोई छोटा प्रारूप नहीं है क्योंकि आखिरकार आप इसमें 40 ओवर खेलते हैं।
मानसिक मजबूत पर ध्यान केंद्रित कर रही टीम
भारतीय टीम के फाइनल में लचर प्रदर्शन पर चर्चा होती रही है। उसे 2020 में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से 85 रन से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि वनडे विश्व कप 2017 के फाइनल में वह इंग्लैंड से केवल नौ रन से हार गई थी। यहां तक कि राष्ट्रमंडल खेल 2022 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को नौ रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता था।
हरमनप्रीत ने कहा, मैच के आखिरी चार-पांच ओवर में मानसिक रूप से मजबूत टीम बाजी मारती है। हम पिछले कुछ समय से इस पर ध्यान दे रहे हैं। अगर हम इन आखिरी पांच ओवर में मानसिक रूप से मजबूत बने रहते हैं तो फिर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं। हम इन पहलुओं पर काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि टूर्नामेंट में हम इन बाधाओं को पार करने में सफल रहेंगे।