टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान पर खेला जा रहा है। श्रीलंका ने मैच के तीसरे दिन शानदार खेल दिया और दिन का खेल खत्म होने तक 130 ओवरों में 9 विकेट गंवाकर 356 रन बना लिए हैं। हालांकि वो अब भी इस पारी में टीम इंडिया से 180 रन पीछे हैं। फिलहाल क्रीज पर कप्तान दिनेश चांडीमल 147 और संदकन लक्षमण बिना खाता खोले नाबाद हैं।
श्रीलंका की ओर से एंजिलो मैथ्यूज ने 268 गेंदों पर 14 चौकों और दो छक्कों की मदद से 111 रन की शानदार पारी खेली। तीसरे दिन के पहले दो सत्र श्रीलंकाई बल्लेबाजों के नाम रहा, लेकिन चाय काल के बाद टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कमाल करते हुए 6 विकेट झटके।
टीम इंडिया की ओर से सबसे अधिक विकेट रविचंद्रन अश्विन के खाते में आए। अश्विन ने 35 ओवर में 90 रन देकर 3 विकेट झटके, वहीं रविंद्र जडेजा, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा को 2-2 विकेट मिले। पूरे दिन के खेल की बात करें तो दूसरे दिन की ही तरह तीसरे दिन टीम इंडिया के फील्डरों ने गेंदबाजों का साथ नहीं दिया और कई आसान कैच टपकाए।
98 रन पर इशांत की गेंद पर स्लिप में रोहित शर्मा ने एक आसान सा कैच छोड़ा, जिसका फायदा उठाते हुए मैथ्यूज ने अपना शतक पूरा किया। हालांकि चायकाल के बाद अश्विन ने मैथ्यूज को विकेट के पीछे साहा के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद आए एक भी लंकाई बल्लेबाज ने ज्यादा देर क्रीच पर वक्त बिताना जरूरी नहीं समझा और वह लगातार अपना विकेट गंवाते रहे।
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मैथ्यूज के बाद रोशन सिल्वा अपना खाता खोले बिना ही अश्विन की गेंद पर शॉर्ट लेग पर शिखर धवन के हाथों कैच आउट होकर पवेलियन लौटे। यह उनके करियर की पहली पारी थी। इसके बाद समीराविक्रमा का विकेट इशांत ने लिया। रिद्गिमान साहा ने समीराविक्रमा का अविश्वनीय कैच पकड़ा।
इसके बाद लगातार श्रीलंका का विकेट गिरने का दौर जारी रहा। अश्विन ने निरुवन डिकवेला को शून्य पर क्लीन बोल्ड कर पवेलियन जाने पर मजबूर किया। वहीं शमी ने लंका को आठवां झटका लकमल के तौर पर दिया और फिर नौंवा झटका लहिरु गमागे के तौर पर लगा। गमागे को जडेजा ने एलबीडब्ल्यू आउट किया।
चौथे दिन टीम इंडिया श्रीलंका को जल्द से जल्द आउट कर तेज बल्लेबाजी करते हुए कम से कम 100 ओवरों में श्रीलंका को 400 रनों का लक्ष्य देना चाहेगी। कोटला की पिच में पांचवें दिन बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। लिहाजा मैच में भारत की पकड़ अभी भी बनी हुई है।