गुवाहाटी में पहले मैच में एक भी गेंद नहीं फेंके जाने के बाद कोहली के शुरुआती टी-20 मैच की अंतिम एकादश में बदलाव की संभावना नहीं है जिसके लिए उन्होंने तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों को चुना था। वाशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव को टीम में जगह मिली थी जबकि युजवेंद्र चहल और रविंद्र जडेजा अंतिम एकादश में जगह बनाने में नाकाम रहे थे। श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिक संख्या को देखते हुए यह फैसला किया गया था।
मनीष पांडे और संजू सैमसन को पहले मैच की अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी और इन दोनों के एक बार फिर बाहर बैठने की उम्मीद है। अक्तूबर-नवंबर में होने वाले टी-20 विश्व कप से पूर्व भारतीय टीम खिलाड़ियों के साथ प्रयोग कर रही है लेकिन टीम प्रबंधन ने अब तक पांडे और सैमसन को मौका नहीं दिया है।
चोट के कारण चार महीने बाद स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी का सभी को बेसब्री से इंतजार था लेकिन बारिश और फिर मैदान गीला होने के कारण गुवाहाटी में मैच नहीं हो सका। मंगलवार को बुमराह को इंदौर में मौका मिलना लगभग तय है जहां साफ मौसम की भविष्यवाणी की गई है। होलकर स्टेडियम में अब तक सिर्फ एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला गया है और तब भी भारत ने श्रीलंका की मेजबानी की थी। दिसंबर 2017 में बड़े स्कोर वाले इस मैच में रोहित ने 43 गेंद में 118 जबकि राहुल ने 49 गेंद में 89 रन बनाए थे जिससे भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 260 रन का स्कोर खड़ा किया और फिर 88 रन से मैच जीता।
कप्तान लसिथ मलिंगा के साथ टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज को गुवाहाटी में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी क्योंकि मेहमान टीम ने भी तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला किया था। अब यह देखना होगा कि मंगलवार को मैथ्यूज को मौका मिलता है या नहीं। भारत के खिलाफ 10 साल से अधिक समय से किसी भी प्रारूप में द्विपक्षीय सीरीज जीतने में नाकाम रहे श्रीलंका को मेजबान टीम को हारने के लिए विशेष प्रदर्शन करना होगा।
श्रीलंका की ओर से 18 टेस्ट, 98 वनडे और 43 टी-20 मैच खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल परेरा ने स्वीकार किया है कि उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। इसलिए इस सीरीज में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदशन करने की कोशिश करूंगा। उन्होंने साथ ही कहा कि अगर भारत को टी-20 सीरीज में हराना है तो टीम के सीनियर खिलाड़ियों को अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। श्रीलंका की क्रिकेट टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और कुमार संगकारा तथा महेला जयवर्द्धने जैसे दिग्गजों की जगह नए खिलाड़ियों को तैयार करने में उसे जूझना पड़ रहा है।
भारतः विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, लोकेश राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, संजू सैमसन, ऋ षभ पंत, शिवम दुबे, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, शारदुल ठाकुर, नवदीप सैनी और वाशिंगटन सुंदर।
श्रीलंका : लसिथ मलिंगा (कप्तान), धनुष्का गुणतिलक, अविष्का फर्नांडो, एंजेलो मैथ्यूज, दासुन शनाका, कुसल परेरा, निरोशन डिकवेला, धनंजय डि सिल्वा, इसुरु उदाना, भानुका राजपक्षे, ओशदा फर्नांडो, वानिंदु हसरंगा, लाहिरु कुमारा, कुसाल मेंडिस, लक्षण संदाकन और कासुन रजिता।