भारत की नजरें 2036 में होने वाले ओलंपिक की मेजबानी पर टिकी हुई है और भारतीय खेल प्रशासक अगले महीने से होने वाले पेरिस ओलंपि के दौरान इसके के लिए कड़ी लॉबिंग करेंगे। भारतीय खेल प्राधिकरण की मिशन ओलंपिक इकाई (एमओसी) ने गुरुवार को ओलंपिक मेजबानी का दावा करने से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट नए खेल मंत्री मनसुख मांडविया के सामने पेश की। एमओसी ने अपनी इस रिपोर्ट में उन छह खेलों का जिक्र किया है जिन्हें भारत को मेजबानी मिलने पर ओलंपिक में शामिल किया जा सकता है। इन खेलों में योग, खो-खो, कबड्डी, शतरंज, टी20 क्रिकेट और स्क्वाश शामिल हैं। भारत अगर मेजबानी हासिल करने में सफल रहता है तो वह योग, खो-खो और कबड्डी जैसे स्वदेशी खेलों को भी इसमें शामिल करने का प्रयास करेगा।
मेजबानी अधिकार को नहीं दिया गया अंतिम रूप
अभी खेलों के मेजबानी अधिकार को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और ऐसे में मेजबान देश की प्राथमिकताओं पर बाद में चर्चा की जाएगी। आईओसी अध्यक्ष के अगले साल होने वाले चुनाव के बाद ही इस पर फैसला किए जाने की संभावना है। भारत अगर मेजबानी हासिल करता है तो प्रस्तावित खेलों को इससे पहले 2032 में ब्रिस्बेन में होने वाले ओलंपिक खेलों के दौरान प्रदर्शनी खेल के रूप में शामिल किया जाएगा। इसी के बाद इन खेलों को ओलंपिक में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल मुंबई में आईओसी कांग्रेस के दौरान कहा था कि भारत 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने का इच्छुक है।
'पेरिस ओलंपिक के बाद होगी चर्चा'
एमओसी के एक सीनियर सदस्य ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, हमने नए खेल मंत्री से मुलाकात की और उन्हें रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने कहा कि उन्हें इसको पढ़ने में कुछ दिन लगेंगे। उन्होंने हमसे एक अन्य रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी कहा कि कैसे देश में खेल करियर का विकल्प बन सकते हैं और किस तरह से युवाओं में खेल के प्रति दिलचस्पी पैदा की जा सकती है। पेरिस ओलंपिक खेलों के बाद ओलंपिक की दावेदारी पर चर्चा होगी जिसके लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं, लेकिन हमें पेरिस ओलंपिक के दौरान आईओसी (अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति) के साथ लॉबिंग करनी होगी और उसके लिए हम अच्छी तरह से तैयार हैं।