नीतीश को पहले मैच में भी बल्लेबाजी का मौका मिला था, लेकिन सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या ने आक्रमक बल्लेबाजी कर मैच समाप्त कर दिया था। बांग्लादेश ने उस मैच में कम स्कोर बनाया था जिसे भारत ने आसानी से हासिल कर लिया था। नीतीश हालांकि, दूसरे मैच में कप्तान के भरोसे पर खरा उतरे और उन्होंने उस समय शानदार प्रदर्शन किया जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। नीतीश और रिंकू ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 108 रनों की साझेदारी हुई। नीतीश हालांकि, 34 गेंदों पर चार चौकों और सात छक्कों की मदद से 74 रन बनाकर आउट हुए।