भारत और न्यूजीलैंड बुधवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2023 के पहले सेमीफाइनल में भिड़ेंगे। दोनों की नजर इस मैच को जीतकर फाइनल में जगह बनाने पर होगी। इसे 2019 विश्व कप सेमीफाइनल का रिपीटेशन माना जा रहा है। 2019 में भी भारत का सामना न्यूजीलैंड से हुआ था और मैनचेस्टर में खेले गए उस मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम ने विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम इंडिया को शिकस्त दी थी। हालांकि, इस बार भारतीय टीम के पास उस हार का बदला लेने का बेहतरीन मौका है।
भारतीय टीम ने जहां लीग राउंड में अपने सभी नौ मुकाबले जीते हैं, वही न्यूजीलैंड की टीम पिछले पांच में से चार मैच हार चुकी है। टीम की गेंदबाजी कमजोर है और ऐसे में टीम इंडिया इसका फायदा उठाना चाहेगी। वहीं, भारत को 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में की गई गलती से भी बचना होगा। ऐसे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के साथ भारत और न्यूजीलैंड की टीम का SWOT एनालिसिस करते हैं। यानी टीम की मजबूती (Strength), कमजोरी (Weakness), अवसर (Opportunity) और खतरे (Threat) का विश्लेषण।
सबसे पहले भारत की बात करते हैं
मजबूती
वर्ष 1983 और 2011 में खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का मौजूदा फॉर्म शानदार है। टीम खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है। भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ उस स्थान पर खेलेगी, जहां उसने 2011 के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ यादगार जीत दर्ज की थी। कप्तान रोहित शर्मा की अगुवाई वाली संतुलित टीम शानदार फॉर्म में है और उसने लगातार रिकॉर्ड नौ मैच जीतकर अंक तालिका में पहले स्थान पर रहते हुए नॉकआउट में जगह बनाई है। टीम इंडिया के बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं। खासकर विराट कोहली (594), कप्तान रोहित शर्मा (503 रन), श्रेयस अय्यर (421) और लोकेश राहुल (347)।
इतना ही नहीं भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। टूर्नामेंट के शुरू में ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के बाहर हो जाने के बाद लगा था कि टीम इंडिया को जूझना पड़ सकता है, लेकिन जसप्रीत बुमराह (17), मोहम्मद शमी (16), रवींद्र जडेजा (16), कुलदीप यादव (14) और मोहम्मद सिराज (12) ने ऐसा होने नहीं दिया। पांचों की घातक गेंदबाजी ने विपक्षी टीमों को दबाव में रखा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ एकबार फिर ये सभी अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाना चाहेंगे। घरेलू मैदान पर खेलना और वानखेड़े स्टेडियम में खेलना भी भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
विश्व कप 2023 में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन
| खिलाड़ी |
मैच |
रन |
औसत |
| विराट कोहली |
9 |
594 |
99.00 |
| श्रेयस अय्यर |
9 |
421 |
70.16 |
| केएल राहुल |
9 |
347 |
69.40 |
| रोहित शर्मा |
9 |
503 |
55.88 |
| रवींद्र जडेजा |
9 |
111 |
55.50 |
| शुभमन गिल |
7 |
270 |
38.57 |
NZ vs IND Semi Final Live : सेमीफाइनल में भारत के सामने न्यूजीलैंड, 2019 का बदला लेने उतरेगी टीम इंडिया
कमजोरियां
भारतीय टीम में फिलहाल तो कोई बड़ी खामी नहीं दिख रही है। रोहित शर्मा ने आक्रामक शुरुआत की है, लेकिन शुभमन गिल ने कुछ-कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर रोहित के साथ बुधवार को शुभमन का बल्ला चलता है तो कीवी गेंदबाजों के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। कोहली भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, जबकि श्रेयस और राहुल ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, छठे नंबर पर सूर्यकुमार के बल्ले से अब तक कोई बड़ी पारी देखने को नहीं मिली है। पिछले कुछ मैचों में दबाव की स्थिति में उनकी बल्लेबाजी जरूर चिंता का विषय होगा।
जडेजा कुछ मौकों पर मजबूती से खड़े रहे हैं। मजबूत गेंदबाजी इकाई के खिलाफ हार्दिक पांड्या की कमी महसूस की जा सकती है। अब तक इसकी जरूरत नहीं पड़ी है, लेकिन छठे गेंदबाज की कमी भारत को खल सकती है। नीदरलैंड के खिलाफ विराट कोहली, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार और शुभमन गिल ने भी गेंदबाजी की थी। हालांकि, इन गेंदबाजों की बड़े मैचों में गेंदबाजी प्रैक्टिस की कमी भारी पड़ सकती है।
विश्व कप 2023 में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
| खिलाड़ी |
मैच |
विकेट |
इकोनॉमी |
| रोहित शर्मा |
9 |
1 |
8.40 |
| मोहम्मद शमी |
5 |
16 |
4.78 |
| विराट कोहली |
9 |
1 |
4.28 |
| जसप्रीत बुमराह |
9 |
17 |
3.65 |
| रवींद्र जडेजा |
9 |
16 |
3.97 |
| कुलदीप यादव |
9 |
14 |
4.15 |
| हार्दिक पांड्या |
4 |
5 |
6.84 |
| मोहम्मद सिराज |
9 |
12 |
5.20 |
| आर अश्विन |
1 |
1 |
3.40 |
| शार्दुल ठाकुर |
3 |
2 |
6.00 |
इसके अलावा घरेलू मैदान का दबाव भी हो सकता है, क्योंकि हर फैन को टीम इंडिया की जीत की उम्मीद होगी। हर कोई चाहता है कि टीम इंडिया विश्व कप जीते। टीम यात्रा से भी थोड़ी थकी जरूर होगी, क्योंकि मेजबान टीम ने नौ अलग-अलग स्थानों पर नौ मैच खेले। हालांकि मैचों के बीच काफी अंतर था, लेकिन लगातार यात्रा शरीर और दिमाग दोनों पर भारी पड़ सकती है।
अवसर
टीम खिताब तक पहुंचने के लिए शानदार स्थिति में है। उन्हें इस बात से भी राहत मिलेगी कि पिछले तीन वनडे विश्व कप के संस्करणों में मेजबान टीमों ने खिताब जीता है। भारत ने 2011 में वानखेड़े में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था, जबकि सह-मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने 2015 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया था। वहीं, मेजबान इंग्लैंड ने 2019 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
टीम इंडिया की फॉर्म, घरेलू परिस्थितियों में उनकी महारत और विरोधी न्यूजीलैंड में खिलाड़ियों की चोट को देखते हुए, रोहित शर्मा की टीम के पास विश्व कप नॉकआउट के मिथक को तोड़ने का यह एक शानदार मौका है। केवल दो देश वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया ही 50 ओवर के विश्व कप में बिना हारे खिताब जीतने में सक्षम रहे हैं। भारत भी ऐसा कर सकता है।
खतरा
नॉकआउट चरण में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब रिकॉर्ड ही टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भारत ने कुछ हफ्ते पहले धर्मशाला में 2003 के बाद पहली बार विश्व कप मैच में न्यूजीलैंड को हराया था, लेकिन 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार अब भी भारतीय खिलाड़ियों और भारतीय फैंस को याद होगी। जैसा कि लोकी फर्ग्यूसन ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- टीमें 2019 के मैच अप से काफी अलग हैं और इसलिए जो टीम उस दिन अच्छा प्रदर्शन करेगी वह मैच जीतेगी।
भारतीयों को अतिआत्मविश्वास से भी बचना होगा। यह सोचकर कि हमने सभी नौ मैच जीते हैं, खिलाड़ियों को आत्मसंतोष से बचना होगा। बस दो और शानदार प्रदर्शन टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बना देगी। साथ ही भारतीय टीम को 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ की गई गलतियों से भी बचना होगा। 2019 में भारतीय बल्लेबाजों ने 240 के मामूली स्कोर का पीछा करते हुए पांच रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। भारतीय बल्लेबाजों को संभल कर बल्लेबाजी करनी होगी।
अब जानें न्यूजीलैंड के बारे में
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : अमर उजाला
मजबूती
लगातार पांच आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली न्यूजीलैंड की टीम दुर्भाग्य से अब भी अपने पहले खिताब की तलाश में है। जब आईसीसी प्रतियोगिताओं की बात आती है तो न्यूजीलैंड ने हमेशा चौंकाया है। वनडे विश्व कप के पिछले 13 संस्करणों में से नौ में कीवी टीम सेमीफाइनल में पहुंची है। टीम में सभी खिलाड़ी हर कुछ करने का माद्दा रखते हैं और यही इस टीम को खतरनाक बनाती है। उदाहरण के तौर पर ग्लेन फिलिप्स विकेटकीपर होने के साथ-साथ विस्फोटक बल्लेबाजी और ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर सकते हैं।
बल्लेबाजी में रचिन रवींद्र इस विश्व कप की खोज माने जा रहे हैं। उन्होंने अब तक इस टूर्नामेंट में 70.62 की शानदार औसत से 565 रन बनाए हैं। डेरिल मिशेल ने मध्यक्रम में 418 रन बनाए हैं, जबकि सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे ने अब तक 359 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में स्पिनर मिचेल सैंटनर ने अब तक 16 विकेट चटकाए हैं, जबकि ट्रेंट बोल्ट ने 13 विकेट चटकाए हैं। टिम साउदी पूरी तरह फिट हैं और सेमीफाइनल में खेल सकते हैं। इससे तेज गेंदबाजी मजबूत हुई है। टीम के पास रचिन, फिलिप्स और डेरिल के रूप में पार्ट टाइमर्स भी हैं।
विश्व कप 2023 में कीवी बल्लेबाजों का प्रदर्शन
| खिलाड़ी |
मैच |
रन |
औसत |
| केन विलियम्सन |
3 |
187 |
93.50 |
| रचिन रवींद्र |
9 |
565 |
70.62 |
| डेरिल मिचेल |
9 |
418 |
59.71 |
| डेवोन कॉन्वे |
9 |
359 |
44.87 |
| ग्लेन फिलिप्स |
9 |
244 |
40.66 |
| विल यंग |
6 |
206 |
34.33 |
| मिचेल सैंटनर |
9 |
94 |
31.33 |
| टॉम लाथम |
9 |
155 |
31.00 |
कमजोरियां
मैट हेनरी के चोटिल होने के कारण न्यूजीलैंड की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर हो गई है। हेनरी की चोट के कारण टीम असंतुलित भी हुई और उसके पास उचित पांचवें गेंदबाज की कमी है। वहीं, नीशम भी अनफिट हैं। चोटों का बल्लेबाजी पर भी असर पड़ा है जिसमें कप्तान केन विलियमसन पूर्ण फिटनेस हासिल करने के लिए जूझ रहे हैं, जबकि टिम साउदी भी चोट से वापसी के बाद से कुछ खास नहीं दिखे हैं। बल्लेबाजी मुख्य चिंता का विषय है क्योंकि रचिन, डेरिल और कॉन्वे के अलावा बाकी ने ज्यादा योगदान नहीं दिया है।
वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर कुछ शुरुआती विकेट गंवाने से टीम मुश्किल में फंस सकती है, क्योंकि डेरिल मिचेल को छोड़कर मध्यक्रम फेल रहा है। साथ ही गेंदबाजों पर दबाव पड़ने से गेंदबाजी बिखर जाती है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 357 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 388 रन लुटा दिए थे। पाकिस्तान के खिलाफ कीवी टीम की बल्लेबाजी अच्छी रही थी और उन्होंने 401/6 का स्कोर बनाया था, लेकिन गेंदबाजों ने निराश किया और डीएलएस पार स्कोर से वह हार गए थे।
विश्व कप 2023 में कीवी गेंदबाजों का प्रदर्शन
| खिलाड़ी |
मैच |
विकेट |
इकोनॉमी |
| लोकी फर्ग्यूसन |
6 |
10 |
5.13 |
| मिचेल सैंटनर |
9 |
16 |
4.81 |
| मैट हेनरी |
7 |
11 |
5.79 |
| ट्रेंट बोल्ट |
9 |
13 |
5.16 |
| ग्लेन फिलिप्स |
9 |
6 |
5.71 |
| टिम साउदी |
3 |
4 |
6.78 |
| रचिन रवींद्र |
9 |
5 |
5.67 |
| जेम्स नीशम |
3 |
2 |
10.82 |
अवसर
न्यूजीलैंड पिछले दो टूर्नामेंट में उप विजेता रहने के बाद अपने पहले विश्व कप खिताब की तलाश में है। उनके पास भारत के खिलाफ अच्छा मौका है क्योंकि इतिहास उनके पक्ष में है। उन्होंने विश्व कप में भारत के खिलाफ कुल आठ में से पांच बार जीत दर्ज की है। अगर रचिन रविंद्र और कॉन्वे शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करते हैं और मिचेल मध्यक्रम में मजबूती प्रदान करते हैं तो न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजी पर दबाव डाल सकती है। चोट से उबरने के बाद कप्तान केन विलियमसन अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
खतरा
मैट हेनरी के बिना उनकी गेंदबाजी पहले जैसी दमदार नहीं दिखती। टिम साउदी तेजी से रन बना रहे हैं और सेंटनर शीर्ष फॉर्म में हैं, लेकिन पांचवें गेंदबाज की कमी के कारण टीम 10 ओवर के लिए ग्लेन फिलिप्स और रविंद्र पर निर्भर है। यह विश्व कप न्यूजीलैंड के लिए काफी रोमांचक रहा क्योंकि उसने अपने पहले चार मैच जीतकर धमाकेदार शुरुआत की थी।
धर्मशाला में भारत के खिलाफ चार विकेट की हार के साथ शुरू हुए अगले चार मैच गंवाने के बाद भी टीम सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही, जबकि इंग्लैंड ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लेकिन क्या न्यूजीलैंड के पास अपनी किस्मत बदलने और लगातार तीसरे विश्व कप फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त क्षमता है? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन टीम इंडिया न्यूजीलैंड की तेज गेंदबाजी की कमजोरी और 10 ओवर के लिए पार्ट टाइमर्स पर निर्भरता का फायदा उठा सकती है और कीवियों को हराकर फाइनल में जगह बना सकती है।