भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच बनने के बाद पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने पहली सीरीज से ही मूल्यों को सर्वोच्च आदर्शों के रूप में विकसित किया है। हमने देखा है कि द्रविड़ जिस किसी चीज को छू लेते हैं वह कुंदन बन जाती है। अब उन्होंने पू्र्व क्रिकेटरों को विशेष महत्व देने का कार्य फिर से शुरू किया है। राहुल द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों को पूर्व क्रिकेटरों से डेब्यू कैप सौंपने का परंपरा फिर से शुरू कर दी है।
रांची टी-20 में वेंकटेश अय्यर और हर्षल पटेल ने किया डेब्यू
19 ऩवंबर को भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची में खेला गया। इस मैच में टीम इंडिया के लिए दो खिलाड़ियों ने डेब्यू किया। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए धूम मचाने वाले वेंकटेश अय्यर और इंडियन प्रीमियर लीग 2021 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले आरसीबी के गेंदबाज हर्षल पटेल का यह डेब्यू मैच था। मैच पहले राहुल द्रविड़ ने केकेआर के सेंसेशन वेंकटेश अय्यर को डेब्यू कैप दी जबकि पूर्व क्रिकेटर अजित अगरकर ने हर्षल पटेल को कैप सौंपी।
अनिल कुंबले ने शुरू की थी परंपरा
भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों को पूर्व क्रिकेटरों से कैप सौंपने की प्रथा अनिल कुंबले ने शुरू की थी। तब अनिल कुंबले भारत के हे़ड कोच हुआ करते थे। लेकिन कोहली शास्त्री युग में यह परंपरा खत्म हो गई थी। इन दोनों के समय में टीम के खिलाड़ी ही डेब्यू करने वाले क्रिकेटरों को कैप देते थे। अब राहुल द्रविड़ ने फिर से कुंबले की परंपरा शुरू की है।
केएल राहुल ने की द्रविड़ की तारीफ
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया के उपकप्तान केएल राहुल ने हेड कोच राहुल द्रविड़ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि राहुल द्रविड़ ऐसे व्यक्ति हैं जो एक अच्छी टीम कल्चर और ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां लोग संपन्न हो रहे हैं, वह लोगों और क्रिकेटरों के रूप में बेहतर होने की कोशिश कर रहे हैं, जब वह खेलते थे तो हमेशा टीम मैन थे, वह उसी तरह की संस्कृति टीम में लाना चाहते हैं, जहां हर कोई व्यक्तिगत लक्ष्यों के बजाय टीम को आगे बढ़ा रहा है।