वीडियो की शुरुआत में दिलीप ड्रेसिंग रूम में भारतीय खिलाड़ियों को संबोधित करते दिखते हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, 'मैदान में ओस था। स्पिनर्स ने शानदार गेंदबाजी की, लेकिन एक प्रतिशत रोल फील्डर्स ने भी अदा किया। सर्कल फील्डर्स रोहित, विराट, जडेजा सभी ने अच्छी फील्डिंग की। वे गेंद को सुखाने का प्रयास कर रहे थे। साथ ही गेंदबाजों की भी मदद कर रहे थे। हम सब नोटिस करते हैं। सभी को बधाई।' इसके बाद दिलीप ने ईशान किशन, मोहम्मद सिराज की फील्डिंग की भी तारीफ की। ईशान बतौर सब्स्टिट्यूट फील्डर मैदान पर आए थे।
फील्डिंग कोच टी दिलीप
इसके बाद दिलीप ने कहा, 'यह पदक केवल आंकड़ों के बारे में नहीं है। यह सिर्फ एक अच्छा कैच लपकने या कुछ रन बचाने के बारे में नहीं है। यह वही है जो मैदान पर खिलाड़ियों के अंदर एक टीम के तौर पर खेलने के लिए प्रेरित करता है। यह मेडल उस एक चीज के लिए है जो आप करते हैं और उसका मैच पर कितना प्रभाव पड़ रहा है। यह सब गिना जाता है और इसी के आधार पर विजेता चुना जाता है। यहां हमारे मैच के हीरो का योगदान आता है। कभी-कभी चीजें रडार के नीचे चली जाती हैं, लेकिन ये चीजें ध्यान से नहीं हटतीं।
इसके बाद दिलीप सभी को ड्रेसिंग रूम से बाहर निकलकर बालकनी में आने कहते हैं। फिर स्टेडियम के लाइट्स को ऑफ किया जाता है और लाइट शो के जरिये विजेता का एलान होता है। लाइटों से दर्शक दीर्घा में केएल राहुल का नाम लिखा होता है। इसके बाद श्रेयस अय्यर बेस्ट फील्डर का मेडल केएल राहुल को पहनाते हैं। राहुल का यह बेस्ट फील्डर का दूसरा अवॉर्ड रहा। उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान भी यह अवॉर्ड मिला था। अपने दूसरे पदक के साथ राहुल ने कोहली, जडेजा, अय्यर जैसे खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने अब तक एक-एक बार यह मेडल जीता है।
इस मैच में राहुल एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने इंग्लिश खिलाड़ियों का कैच लिया और एक स्टंप किया। उन्होंने मोईन अली का कैच लिया था और क्रिस वोक्स को स्टंप किया था। इंग्लैंड के शेष बल्लेबाज या तो एल्बीडब्ल्यू आउट हुए या फिर क्लीन बोल्ड हुए। इससे पहले फील्डिंग कोच टी दिलीप ने अलग-अलग तरीकों से बेस्ट फील्डर का एलान किया था। एक बार स्टेडियम में लगी बड़ी स्क्रीन पर तो कभी स्पाइडर कैम से विजेता का एलान किया गया था। अगले मैच में कोच दिलीप एक नई योजना के साथ दिख सकते हैं।