भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज सरफराज खान के लिए यादगार रही। युवा खिलाड़ी को इस श्रंखला में डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने पांचों पारियों में तीन अर्धशतक लगाए। 26 वर्षीय खिलाड़ी के इस धमाकेदार प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया। हालांकि, एक मौके पर सुनील गावस्कर युवा बल्लेबाज से नाराज हो गए। उन्होंने डॉन ब्रैडमैन की बात को याद करते हुए सरफराज को खास सलाह दी।
धर्मशाला में खेले गए आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन सरफराज 60 गेंदों में आठ चौके और एक छक्के की मदद से 56 रन बनाने में कामयाब हुए। माना जा रहा था कि वह इस अर्धशतकीय पारी को शतक में बदलने में कामयाब होंगे लेकिन तीसरे सत्र की पहली गेंद पर शोएब बशीर ने उन्हें स्लिप पर खड़े जो रूट के हाथों कैच आउट करा दिया। इससे पहले सरफराज और देवदत्त पडिक्कल के बीच 95 रन की साझेदारी हुई थी।
युवा खिलाड़ी के शॉट सेलेक्शन पर नाराज बिफरे गावस्कर
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर युवा बल्लेबाज के शॉट सेलेक्शन से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कमेंट्री के दौरान कहा, "बॉल ऊपर पिच हुई थी, यह उतनी शॉर्ट नहीं थी कि आप इस तरह का शॉट खेल सके। उन्होंने इसकी कीमत चुकाई। मेरा मतलब है कि आप चायकाल के बाद पहली गेंद खेल रहे हैं तो खुद को थोड़ा समय दें। डॉन ब्रैडमैन ने मुझे कहा था 'हर गेंद का सामना करते हुए मैं ये सोचता हूं कि मैं 0 पर हूं चाहे मैं 200 पर क्यों ना हूं' लेकिन यहां, सरफारज ने सेशन की पहली गेंद पर ऐसा शॉट खेला।"
गावस्कर की सलाह के बावजूद सरफराज ने की यह गलती
इस विषय में बात करते हुए दुबई के एक बड़े व्यवसायी ने बताया कि पांचवें टेस्ट की शाम को गावस्कर और सरफराज के बीच लंबी बातचीत हुई थी। उन्होंने सरफराज को महत्वपूर्ण जानकारियां दी थी। इसके बावजूद युवा खिलाड़ी ने बड़ी गलती की। व्यवसायी ने कहा, "सुनील उन्हें बता रहे थे कि सबसे महत्वपूर्ण बात शॉट्स का चयन है। वह उनसे लगभग 45 मिनट तक बात कर रहे थे। फिर मैच में, चाय के तुरंत बाद वह एक बहुत ही बेवकूफी भरा शॉट खेलकर आउट हो गए। सुनील बहुत गुस्से में थे, और उन्होंने कमेंट्री के दौरान पूछा कि वह क्या कर रहे हैं। अगले दिन, सरफराज फिर से मेरे साथ थे और उन्होंने कहा, 'सर, कृपया गावस्कर सर से माफी मांगें - मैंने गलती की! मैं वह गलती दोबारा नहीं करूंगा।"