इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया ने 3-1 की अजेय बढ़त बना ली है। चौथे मुकाबले में भारत ने बेन स्टोक्स के नेतृत्व वाली टीम को पांच विकेट से हराया। अब टीम की नजर पांचवें टेस्ट पर है। धर्मशाला में होने जा रहा यह मुकाबला भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के लिए खास होने वाला है।
इस मैच से पहले दिग्गज गेंदबाज ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ 2012 की सीरीज उनके करियर का निर्णायक मोड़ थी। उन्होंने बताया कि उस सीरीज ने उन्हें अपनी गलतियों को पहचानने और सुधारने में मदद की। अश्विन अब अपने करियर का 100वां मुकाबला सात मार्च को खेलने के लिए उतरेंगे।
किस सीरीज के बाद बदल गया अश्विन का करियर?
भारत के लिए 99 टेस्ट मैच खेल चुके स्टार गेंदबाज ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "इंग्लैंड के खिलाफ 2012 की सीरीज मेरे लिये निर्णायक मोड़ थी। इसने मुझे बताया कि मुझे कहां सुधार करना है।" इसके अलावा उन्होंने बताया कि करियर का 100वां टेस्ट उनके लिए खास है। अश्विन ने आगे कहा, "यह बड़ा मौका है। गंतव्य से ज्यादा सफर खास रहा है। मेरी तैयारी में इससे कोई बदलाव नहीं आया है. हमें टेस्ट मैच जीतना है।"
टेस्ट में पूरे किए 500 विकेट
2011 में भारत के लि टेस्ट में पदार्पण करने वाले अश्विन ने राजकोट टेस्ट के दौरान 500 टेस्ट विकेट पूरे किए। ऐसा करने वाले वह भारत के दूसरे गेंदबाज बन गए। उनसे पहले पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके नाम 132 टेस्ट में 619 विकेट हैं।