इंग्लैंड ने अंतिम दिन की शुरुआत बिना विकेट खोए 77 रन से की उसे 90 ओवरों में 291 रन बनाने थे लेकिन भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से उसका बल्लेबाजी क्रम ढह गया और टीम मैच हार गई। खुद कप्तान विराट कोहली ने ओवल के प्रदर्शन को भारतीय गेंदबाजों के तीन श्रेष्ठ प्रदर्शनों में शामिल किया है।दरअसल इस पूरी सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा है। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 272 का लक्ष्य मिला था और तब भारत ने मेजबान टीम को 51.5 ओवरों में 120 रन पर आउट कर दिया। तब इंग्लैंड के 19 विकेट पेसरों के नाम रहे थे।
भारत के शानदार प्रदर्शन के देख पूर्व तेज गेंदबाज वैंकटेश प्रसाद ने कहा, पहले दिन के बाद भारत ने क्या वापसी की है। रोहित और शार्दुल की बल्लेबाजी के अलावा गेंदबाजों का अंतिम दिन का प्रदर्शन यादगार। वहीं बुमराह की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए इंग्लैंड के पूर्व गेंदबाज डेरेक प्रिंगल ने कहा, बुमराह ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में केवल दो विकेट लिए लेकिन लंच के बाद उन विकेटों की टाइमिंग अहम रही। इन विकेटों से भारत की जीत की आस जगी और इंग्लैंड दुविधा में पड़ गई।
जडेजा ने की वीनू-कपिल की बराबरी
दूसरी पारी में दो विकेट लेने वाले रविंद्र जडेजा भारत के चौथे ऑलराउंडर हो गए जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 500 से ज्यादा रन बनाए और 50 विकेट पूरे किए। इससे पहले वीनू मांकड़, कपिलदेव और रविचंद्रन अश्विन ऐसा कर चुके हैं। जडेजा ने ज्यादातर गेंद रफ में फेंकी जिससे बुमराह को बाद में रिवर्स स्विंग में मदद मिली।
इस साल हमने ऑस्ट्रेलिया के गाबा में पहली बार, लॉर्ड्स में तीसरी बार और ओवल में दूसरी बार जीत दर्ज की है। तीसरी बार है जब भारत ने विदेश में पिछला टेस्ट पारी से हारने के बाद जीत से वापसी की है। ओवल से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2010 में और श्रीलंका के खिलाफ 2008 में ऐसा किया था। तीन बार ऐसा हुआ जब भारतीय टीम विदेश में पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 से कम में आउट हो गई और मैच जीतने में सफल हो गई। इससे पहले भारत ने 2018 में वेंडरर्स में दक्षिण अफ्रीका को 63 रन से हराया था तब पहली पारी में 187 रन बनाए थे और 2006 में किंगस्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली पारी में 200 पर रनआउट होने के बाद 49 रन से जीत दर्ज की थी।
14 साल बाद सीरीज जीत पर निगाह
ओवल में भारत की जीत के बाद कप्तान विराट कोहली की निगाह 14 साल बाद इंग्लैंड में सीरीज जीत पर लगी हैं। अब तक भारत ने तीन बार 1971 में अजित वाडेकर, 1986 में कपिलदेव और 2007 में राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में इंग्लैंड को उसकी धरती पर सीरीज में हराया है। इस सीरीज में टीम 2-1 से आगे चल रही है। सीरीज का पांचवां और अंतिम टेस्ट मैनचेस्टर में खेला जाएगा। यदि भारतीय टीम इस मैच को ड्रॉ पर भी रोक लेती है तो सीरीज भारत के खाते में दर्ज होगी।