उन्होंने कहा, ‘जब मैंने टॉस जीतकर जो रूट को भारत को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित करते हुए देखा, तो मैं वास्तव में हैरान था और मुझे लगा कि यह अपने आप में एक संकेत था कि इंग्लैंड हमारे तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर चिंतित था। सच कहूं तो मैंने शुक्रवार सुबह लगभग आठ बजे एक दोस्त को बताया था कि अगर मौसम ने साथ दिया, तो हम यह टेस्ट मैच जीतेंगे। हमारे सलामी बल्लेबाजों को भी श्रेय मिलना चाहिए वे शानदार थे।’
बल्लेबाजी है कमजोर कड़ी
इंग्लैंड की बल्लेबाजी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘इस बल्लेबाजी इकाई में जो रूट को छोड़ कर मैं किसी को नियमित तौर पर बड़ी शतकीय पारी खेलते हुए नहीं देख रहा हूं। अतीत की टीमों में एलिस्टेयर कुक, माइकल वॉन, केविन पीटरसन, इयान बेल, जोनाथन ट्रॉट, एंड्रयू स्ट्रॉस जैसे कई खिलाड़ी थे जो लगातार अच्छा खेलते थे। मुझे लगता है कमजोर बल्लेबाजी के कारण रूट ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया होगा। सचिन ने कहा, क्या गजब का टेस्ट मैच था भारतीय टीम। इसके हर पल को देखने में मजा आया। कठिन परिस्थितियों में टीम ने जो जज्बा और धैर्य दिखाया, वह कुछ ऐसा है जो मेरे लिए सबसे अलग था। बहुत अच्छा खेला। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय तेज गेंदबाजों ने 19 विकेट लिए थे।
सचिन ने किया रोहित शर्मा का बचाव
रोहित इस दौरे पर गैर जिम्मेदाराना तरीके से अपना पसंदीदा हुक और पुल शॉट खेलकर आउट हो गए, लेकिन तेंदुलकर ने उनका बचाव करते हुए कहा, ‘उसने एक नेतृत्वकर्ता की तरह लोकेश राहुल का शानदार सहयोग दिया है। जहां तक पुल शॉट खेलने की बात है तो उन्होंने उस शॉट से कई बार गेंद को बाउंड्री के पार भेजा है और मैं यह देख रहा हूं कि उसने दोनों टेस्ट में टीम के लिए क्या हासिल किया है।’