भारत ने विशाखापत्तनम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जीत हासिल की। इस हार के बावजूद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक का मानना है कि मेजबान टीम घरेलू परिस्थितियों में अजेय नहीं है। भारत ने यह टेस्ट 106 रन से जीतकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज बराबर कर ली। कुक का कहना है कि इंग्लैंड आगामी राजकोट टेस्ट में वापसी करने की क्षमता रखता है। भारत द्वारा निर्धारित 399 रनों का लक्ष्य बेन स्टोक्स की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम के लिए बहुत मुश्किल साबित हुआ। टेस्ट के चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने उसे 292 रनों पर ढेर कर दिया था। जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन ने तीन-तीन विकेट लिए।
कुक ने एक चैनल से कहा कि हैदराबाद में हार के बाद दूसरे टेस्ट में जीत भारतीय टीम के लिए राहत होगी। उन्होंने कहा, "भारत को सबसे अधिक राहत मिलेगी। पहले टेस्ट के बाद वे सदमे में थे।" कुक ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों में क्रीज पर टिकने की कमी को निर्णायक कारक बताया जिसके कारण उन्हें मैच गंवाना पड़ा। उनका मानना था कि इंग्लैंड को निराशा होगी क्योंकि उनके बल्लेबाज भारत के लिए जायसवाल और गिल ने जो किया उसे दोहरा नहीं सके।
30-70 का स्कोर से टेस्ट मैच नहीं जीता जा सकता: कुक
कुक ने कहा, ''इंग्लैंड इसलिए मैच हार गया क्योंकि उसके किसी भी बल्लेबाज ने मैच जिताने वाली पारी नहीं खेली। वे इसी पर गौर करेंगे। 30-70 का स्कोर से टेस्ट मैच नहीं जीता जा सकता। इंग्लैंड यहां बिना किसी शतक के करीब पहुंच गया। इस कारण वे निराश होंगे।''
पहले टेस्ट के नतीजे को दोहराएगी इंग्लैंड की टीम: पूर्व कप्तान
कुक ने यह भी कहा कि इंग्लैंड की टीम अपनी हार से प्रभावी सीख लेगी और पहले टेस्ट के उसी नतीजे को दोहराएगी। उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से ऐसी चीजें होंगी जो इंग्लैंड इस खेल से सीखेगा। इस भारतीय टीम को निश्चित रूप से फिर से हराया जा सकता है।"