भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैच की टेस्ट सीरीज में 0-1 से पीछे चल रही भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट मैच में अच्छी शुरुआत की है। विशाखापत्तनम के डॉ. वाई.एस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का तूफान आया। उन्होंने विरोधी टीम के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए शानदार शतक ठोका।
इंग्लैंड के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए पारी की शुरुआत रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 40 रनों की साझेदारी निभाई। कप्तान 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि जायसवाल दिन का खेल समाप्त होने तक डटे रहे। उन्होंने इंग्लिश गेंदबाजों को निशाना बनाते हुए 179 रनों की शानदार नाबाद पारी खेली। इसी के साथ जायसवाल उन भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए, जिनके नाम किसी टेस्ट मैच के पहले दिन सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है।
यशस्वी जायसवाल ने दर्ज किया नया रिकॉर्ड
इंग्लैंड के खिलाफ 22 वर्षीय बल्लेबाज ने 60 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उन्होंने बुद्धि कुंदरन के कीर्तिमान को तहस-नहस कर दिया। पूर्व क्रिकेटर ने 1994 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मुकाबले में 170 रनों की नाबाद पारी खेली थी। युवा बल्लेबाज ने आज 179 रनों की नाबाद पारी खेलकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। अब यशस्वी इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मुकाबले के शुरुआती दिन में सर्वाधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने सुनील गावस्कर के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली है। दरअसल, गावस्कर ने 1979 में द ओवल में खेले गए टेस्ट मुकाबले में 179 रन बनाए थे, जबकि करुण नायर 236 रनों की पारी के साथ इस लिस्ट में शीर्ष पर काबिज हैं।
दिन का खेल खत्म होने तक जायसवाल 257 गेदों में 179 रन बनाकर नाबाद रहे। अपनी इस बेहतरीन पारी के दौरान 22 वर्षीय बलल्लेबाज ने 17 चौके और पांच छक्के लगाए। युवा सलामी बल्लेबाज की इस शतकीय पारी के दम पर ही भारतीय टीम दिन का खेल खत्म होने तक 300 रनों का स्कोर पार करने में कामयाब रही। भारत ने पहले दिन छह विकेट खोकर 336 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल और रविचंद्रन अश्विन क्रमश: 179 और पांच रन बनाकर नाबाद हैं।
जायसवाल ने दी इंग्लैंड को चेतावनी
इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद जायसवाल ने अपनी विस्फोटक पारी को लेकर बात की। उन्होंने अपनी रणनीति के बारे में बताया। जायसवाल ने कहा, "मैं इसे सत्र दर सत्र खेलना चाहता था। जब वे अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, तो मैं बस उस स्पेल से गुजरना चाहता था। शुरुआत में, विकेट नम था और थोड़ी सी सीम के साथ स्पिन और उछाल था। हालांकि, मैं खराब गेंदों पर चौके लगाना चाहता था और अंत तक खेलना चाहता था। मैं दोहरा शतक बनान चाहूंगा और अपनी टीम के लिए अंत तक खेलना चाहूंगा। मैं अब कल के लिए अच्छी तरह से तैयार रहना चाहता हूं।"
जायसवाल ने अंत में अपने कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि ये दोनों उन्हें अंत तक आत्मविश्वास देते रहे। दोनों ने उन्हें बड़ी पारी खेलने के लिए और अंत तक क्रीज पर जमे रहने के लिए प्रोत्साहित किया।