इंग्लैंड ने 2012-13 में एलिस्टेयर कुक की कप्तानी में जब भारत का दौरा किया था तो इस टीम ने भारत को 2-1 से हराया था। वह चार मैचों की सीरीज थी। इसके बाद से भारत अपने घर में टेस्ट सीरीज में अजेय है।
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला दो फरवरी से विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। इस टेस्ट के लिए टीम इंडिया जमकर तैयारी कर रही है, क्योंकि इंग्लैंड ने हैदराबाद में खेला गया पहला टेस्ट जीतकर 1-0 की बढ़त बना रखी है। हालांकि, भारतीय टीम को दूसरे मुकाबले में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और केएल राहुल इस मैच से पहले ही बाहर हो चुके हैं।
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युवा खिलाड़ियों के दम पर टीम इंडिया इस मुकाबले को जीतने की कोशिश करेगी। हालांकि, इंग्लैंड हमेशा से भारत के लिए मुश्किल चुनौती रहा है। भारतीय टीम अपने घर में आखिरी बार इसी टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवाई थी। इतना ही 2013 से लेकर अब तक इंग्लैंड का रिकॉर्ड बाकी SENA (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) की तुलना में एशिया में सबसे बेहतर रहा है।
इंग्लैंड ने कुक की कप्तानी में भारत को हराया था
कुक की कप्तानी में इंग्लैंड ने सीरीज जीती थी
- फोटो : ECB
दरअसल, इंग्लैंड ने 2012-13 में एलिस्टेयर कुक की कप्तानी में जब भारत का दौरा किया था तो इस टीम ने भारत को 2-1 से हराया था। वह चार मैचों की सीरीज थी। इसके बाद से भारत अपने घर में टेस्ट सीरीज में अजेय है। हालांकि, वह सीरीज जीतने के बाद इंग्लैंड ने भी एशियाई पिचों पर अपना रिकॉर्ड सुधारा। इंग्लैंड ने साल 2013 से लेकर अब तक एशियाई पिचों पर 23 टेस्ट खेले हैं और इसमें से 11 मुकाबले जीते हैं। यानी टर्निंग पिचों पर भी इंग्लिश टीम का बोलबाला रहा है। 10 मैचों में इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे हैं। यानी पिछले 11 वर्षों में इंग्लैंड का एशियाई पिचों पर टेस्ट में जीत प्रतिशत 47.80 (%) है।
ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड खराब
ऑस्ट्रेलिया टीम
- फोटो : PCB/X
वहीं, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका इस मामले में काफी पीछे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने साल 2013 से लेकर अब तक एशियाई पिचों पर 26 टेस्ट खेले हैं और सिर्फ पांच मुकाबले जीते हैं। 16 मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है, जबकि पांच मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए। उनका जीत प्रतिशत 19.20 है। न्यूजीलैंड ने पिछले 11 वर्षों में एशियाई पिचों पर 19 टेस्ट खेले हैं और कंगारुओं की तरह सिर्फ पांच मुकाबलों में उन्हें जीत मिली। सात में कीवियों को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि छह टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। उनका जीत प्रतिशत 26.30 है। दक्षिण अफ्रीका ने इस दौरान 17 टेस्ट खेले और सिर्फ दो में उन्हें जीत मिली। 11 टेस्ट दक्षिण अफ्रीकी टीम हारी है, जबकि चार मुकाबले ड्रॉ रहे। उनका जीत प्रतिशत 11.70 है।
इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर 17 टेस्ट सीरीज खेली हैं और पांच सीरीज जीतने में कामयाब रही है। तीन सीरीज ड्रॉ रहीं और नौ सीरीज भारतीय टीम ने जीती। इंग्लिश टीम ने 1933-34, 1976-77, 1979-80, 1984-85 और 2012-13 में सीरीज जीती थी। ऐसे में टीम इंडिया इंग्लैंड को छठी बार सीरीज जीतने से रोकना चाहेगी। भारतीय टीम में जडेजा और राहुल के रिप्लेसमेंट के तौर पर तीन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया। इनमें सरफराज खान, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर और स्पिनर सौरभ कुमार शामिल हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया में क्या बदलाव किए जाते हैं। जडेजा की जगह कुलदीप यादव और राहुल की जगह सरफराज या रजत में से किसी एक का खेलना तय माना जा रहा है।