क्या कहता है आईसीसी का नियम
हालांकि, ज्यादा टेस्ट जीतने से डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका पर फर्क नहीं पड़ता। अब फर्क प्वाइंट पर्सेंट से पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के नियम के अनुसार अंक तालिका में टीमों के स्थान का फैसला जीत प्रतिशत के आधार पर किया जाता है यानी किसने कितने मैच खेले हैं और उसमें उसे कितनी जीत, हार और ड्रॉ मिली है।
किस आधार पर मिलते हैं प्वाइंट
आईसीसी के नियमों के अनुसार एक मैच जीतने पर विजेता टीम को 12 प्वाइंट मिलते हैं। वहीं मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को चार-चार प्वाइंट मिलते हैं और हारने वाली टीम को कोई प्वाइंट नहीं मिलता है। मैच टाई होने पर दोनों टीमों को छह-छह प्वाइंट्स मिलते हैं। वहीं प्वाइंट्स टेबल की रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि एक टीम ने हर मैच में कितने प्रतिशत प्वाइंट हासिल किए हैं। एक मैच में कुल 12 प्वाइंट्स ही होते हैं।
डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में भारत चौथे नंबर पर
भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी अपना खाता खोल लिया। वह अब 12 अंकों और 50 की जीत प्रतिशत के साथ पांचवें नंबर पर काबिज हो गई है। वहीं टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप की दूसरी हार के बावजूद अपने स्थान पर बरकरार है और चौथे पायदान पर कब्जा किए हुए है। भारत के जीत का प्रतिशत 55.21 है। धीमे ओवर रेट के कारण टीम इंडिया को तीन प्वाइंट्स का नुकसान भी हुआ है, जिसकी वजह से उसके अंक भी 53 हो गए हैं।
श्रीलंका टॉप पर पहुंची
एशेज सीरीज में लगातार तीन टेस्ट मैच जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई थी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट में ड्रॉ के बाद कंगारू टीम तीन जीत, 40 अंकों और 83.33 जीत प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर आ गई है। पहले नंबर पर श्रीलंका की टीम पहुंच गई है। श्रीलंका की टीम दो जीत, 24 अंकों और शत प्रतिशत जीत के रिकॉर्ड के साथ पहले स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान की टीम तीन जीत, एक हार, 36 अंकों और 75 फीसद जीत प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर है।