बांग्लादेशी अखबार समकाल की मानें तो शाकिब अल हसन को दो साल पहले फिक्सिंग का ऑफर मिला था। मैच से पहले एक बुकी ने शाकिब अल हसन से संपर्क साधा था। प्रोटोकॉल के मुताबिक शाकिब अल हसन को फिक्सिंग का ऑफर मिलते ही आईसीसी से संपर्क साधना होता है।
हालांकि शाकिब अल हसन ने ऐसा नहीं किया। अखबार की मानें तो इस बात की पुष्टि हो गई है कि शाकिब अल हसन ने ये बात छिपाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकिब ने हाल में एसीएसयू के जांच अधिकारी के सामने भी इस घटना की बात कबूल की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी को सट्टेबाजों के कॉल रिकॉर्ड को ट्रैक करने के बाद मैच फिक्सिंग के बारे में पता चला। तीन नंबर से बांग्लादेश को भारत के खिलाफ तीन टी-20 मैच की सीरीज खेलनी है, जिसके लिए बांग्लादेशी टीम की कमान शाकिब के हाथों में है, अब देखना होगा कि आईसीसी की इस कार्रवाई के बाद बीसीबी भारत दौरे के लिए किसे कप्तानी सौंपता है।
बांग्लादेश की टीम बुधवार को भारत के लिए रवाना होगी। शाकिब की अगुआई में हाल में खिलाड़ियों ने हड़ताल की थी। बीसीबी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वेतन वृद्धि सहित उनकी मांगों को स्वीकार किया जाएगा जिसके बाद हड़ताल समाप्त हुई थी।
आईसीसी के इस फैसले के बाद शाकिब ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा है कि जिस खेल को मैं बेहद पसंद करता हूं उससे प्रतिबंधित होने पर दुखी हूं, लेकिन फिक्सिंग मामले को नहीं बताने पर लगने वाले प्रतिबन्ध को मैं स्वीकारता हूं। आईसीसी की भ्रष्टाचार विरोधी इकाई भ्रष्टाचार की लड़ाई में खिलाड़ियों का साथ चाहता है लेकिन मैंने इस मामले में ऐसा नहीं किया।