हमने 30-40 रन कम बनाए: वॉल्टर
वॉल्टर ने कहा कि उनकी टीम ने 30-40 रन कम बनाए। उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया ने हमें चौंका दिया। हमने संघर्ष किया और हमने खुद को मैच में वापस ला दिया। बेशक हम 30 या 40 रन पीछे थे, लेकिन फिर भी हमने ऑस्ट्रेलिया के सात विकेट गिरा दिए।' उन्होंने कहा, 'इसलिए, मेरे लिए कोलकाता के मैदान पर जो कुछ भी हुआ, लेकिन चोक जैसा कुछ नहीं हुआ। यह टूर्नामेंट की दो अच्छी टीमों के बीच एक गंभीर मुकाबला था।
उन्होंने कहा, 'सेमीफाइनल में हारना दुखद है। पहले 12 ओवरों में हमारे सामने गंभीर चुनौती थी। क्लासेन और मिलर ने चार विकेट पर 12 रन से दक्षिण अफ्रीका को वापसी कराते हुए दिखाया कि 270 के कुल स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, 'यहां तक कि 250 रन का स्कोर भी चुनौतीपूर्ण साबित होता। दोनों तरफ के पहले 10 ओवर के खेल में अंतर दिखा और यही गेम का प्रमुख पहलू रहा। वॉल्टर ने कहा कि घर जाते वक्त हम बहुत सी सकारात्मक चीजें साथ लेकर जाएंगे।
यह पूछने पर कि क्या उन्होंने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करके गलती की, वॉल्टर ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो जिन कमेंटेटरों से मैंने बात की है, उनमें भी कोई भी पहले पांच ओवर के लिए पिच के इस तरह खेलने की भविष्यवाणी नहीं कर सकता था। उन्होंने कहा, 'अगर यह हमारी उम्मीद के मुताबिक खेली होती तो हम 270 रन बनाने में सफल रहते।
वॉल्टर ने कहा, 'एक बार जब हमने अगर 270 रन बना लिए होते तो चूंकि शाम को गेंद काफी टर्न हो रही थी तो हमें पता था कि यह मैच हमारे पक्ष में होगा। हमारे पास चुनौती देने के लिए पर्याप्त रन नहीं थे। हारने के बाद यह कहना आसान है, लेकिन मुझे लगता है कि उस स्थिति में मुकाबला कांटे का होता।