हैदराबाद के लिए यह सीजन सबसे खराब रहा है।
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आईपीएल 2021 के लीग मैच अपने आखिरी चरण में हैं और सभी स्थिति लगभग साफ हो चुकी है। महेन्द्र सिंह धोनी की चेन्नई प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। वहीं हैदराबाद प्लेऑफ से बाहर होने वाली पहली टीम है। हैदराबाद आईपीएल इतिहास की सबसे खराब टीमों में भी शामिल हो सकती है। हैदराबाद ने इस सीजन में 11 में से सिर्फ दो मैच जीते हैं और आठवें पायदान पर बनी हुई है। अगर यह टीम आखिरी पायदान पर रहकर ही टूर्नामेंट खत्म करती है तो यह पहला मौका होगा, जब हैदराबाद प्वाइंट्स टेबल में सबसे नीचे रहेगी। टीम की इस हालत के लिए डेविड वार्नर, मनीष पांडे, केन विलियम्सन और भुवनेश्वर कुमार को सबसे ज्यादा दोषी माना जा रहा है।
आईपीएल में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली टीमें
आईपीएल में अब तक दिल्ली और डेक्कन चार्जर्स की टीम का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। आईपीएल के पहले सीजन में डेक्क्न चार्जर्स ने सिर्फ दो मैच जीते थे और प्वाइंट्स टेबल में आखिरी पायदान पर थी। साल 2014 में दिल्ली डेयरडेविल्स का भी यही हाल था। अब हैदराबाद के ऊपर भी इसी सूची में शामिल होने का खतरा है। हालांकि हैदराबाद अपने बचे हुए तीन मैचों में एक मैच जीतकर इस खराब रिकॉर्ड से बच सकती है। इसके अलावा बैंगलोर ने 2017, पंजाब किंग्स ने 2015, दिल्ली ने 2013 और कोलकाला ने 2009 के सीजन में सिर्फ तीन ही मैच जीते थे।
आईपीएल के हर सीजन में हैदराबाद का प्रदर्शन
हैदराबाद की टीम पहले डेक्कन चार्जर्स के नाम से खेलती थी, जिसने दूसरे सीजन में खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद टीम का प्रदर्शन लगातार खराब रहा और साल 2014 में यह टीम नए नाम के साथ आईपीएल में उतरी। पहले और दूसरे सीजन में हैदराबाद छठवें पायदान पर थी। हालांकि पहले सीजन में उसे छह और दूसरे सीजन में सात मैचों में जीत मिली थी। इसके बाद 2016 में ऑरेंज आर्मी चैंपियन बनी। 2017 में आठ जीत के साथ तीसरा स्थान, 2018 में नौ जीत के साथ पहला स्थान और 2019 में छह जीत के साथ चौथे स्थान पर रही। पिछले सीजन में भी हैदराबाद प्वाइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर रही और प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन इस सीजन में टीम की हालत खराब है। अब हैदराबाद अपने बचे हुए सभी मैच भी जीत लेती है, तब भी यह सीजन उसके लिए सबसे खराब सीजन होगा।
इस प्रदर्शन के लिए ये चार खिलाड़ी हैं जिम्मेदार
हैदराबाद की इस हालत के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार टीम के पूर्व कप्तान डेविड वार्नर हैं। साल 2016 में टीम को चैंपियन बनाने वाले वार्नर ने इस सीजन में सबसे ज्यादा निराश किया। न तो उनके बल्ले से रन निकले और न ही उनकी टीम को जीत मिली। बाद में उन्हें कप्तानी से हटाया गया और फिर टीम से भी बाहर कर दिया गया। उनकी जगह कप्तान बने केन विलियम्सन ने भी कुछ खास नहीं किया और वो भी टीम को सिर्फ एक जीत ही दिला पाए। साथ ही टीम के सीनियर बल्लेबाज मनीष पांडे का स्ट्राइक रेट बहुत खराब रहा है और उनके बल्ले से कोई बड़ी पारी भी नहीं निकली है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने भी लगातार निराश किया है। भुवी ने इस सीजन में 9 मैच खेलकर सिर्फ 5 विकेट ही निकाले हैं।