यह था मामला
कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए मैच के दौरान केकेआर के क्षेत्ररक्षक द्वारा स्टंप पर गेंद फेंकने के बाद अश्विन रन लेने दौड़े। यह गेंद ऋषभ पंत के शरीर पर लगी थी, हालांकि अश्विन के पता नहीं था कि कि गेंद उनके कप्तान के शरीर पर लगी है। इस ओवर थ्रो के चलते कोलकाता के खेमे से टीम साउदी और इयोन मॉर्गन व दिल्ली के अश्विन के बीच कहासुनी भी हुई। इस दौरान अश्विन भी इस बातचीत में शामिल हुए जिसके बाद मॉर्गन ने उनके लिए डिसग्रेस शब्द का इस्तेमाल किया था।
गंभीर ने लिया अश्विन का पक्ष
मैच के बाद स्टार स्पोर्ट पर चर्चा करते हुए गौतम गंभीर ने कहा, अश्विन ने जो कुछ किया वह नियमों के तहत था, मैं उनका सौ फीसदी समर्थन करता हूं, उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। लेकिन इसके बावजूद बहुत सारे लोग इस मामले में कूद रहे हैं, जबकि उनको इससे कुछ मिलने वाला नहीं है, संभवत: लोग सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए इस मामले को तूल दे रहे हैं, लेकिन इसका कोई मतलब नहीं है, अश्विन वास्तव में अपनी जगह ठीक थे।
इरफान पठान ने सुनाई खरी-खरी
वहीं पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने बेन स्टोक्स से जुड़े 2019 विश्व कप के मुद्दे को उठाया जब गेंद इंग्लैंड के ऑलराउंडर से टकराकर बाउंड्री रस्सियों तक चली गई थी। उन्होंने कहा भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह से अश्विन का समर्थन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, लोग खेल की भावना शब्द का प्रयोग अपनी सुविधा के लिए करते हैं, आपको 2019 विश्व कप याद है? चलो इसमें मत जाओ, यदि आपको नियम से कोई समस्या है, तो नियम बदलिए।
अगरकर की दो-टूक
पूर्व भारतीय गेंदबाज अजित अगरकर ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में खेल की भावना विषय पर बहुत कुछ किया गया है, और कहा कि यह विषय से आगे बढ़ने का समय है। उनके मुताबिक, इतना कुछ बना दिया गया है जिसके चलते खेल की भावना का शब्द आसानी से इस्तेमाल किया जाता है, आपके पास ऐसी स्थितियां नहीं हो सकती हैं जहां एक चीज की अनुमति नहीं है और दूसरी चीज की अनुमति है, यह उस तरह से काम नहीं कर सकता।