नवंबर 1928 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्बेन में खेले गए अपने डेब्यू टेस्ट में डॉन ब्रेडमैन सातवें पर नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और 18 रनों की पारी खेली। जबकि दूसरी इनिंग्स में ब्रैडमैन को छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और 1 रन बनाकर आउट हुए। इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहली पारी में 521 और दूसरी इनिंग्स में 8 विकेट पर 342 रन बनाकर पारी घोषित की थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 122 और दूसरी इनिंग्स में सिर्फ 66 रन ही बना सकी। इस तरह इंग्लैंड ने कंगारू टीम को 675 रनों से शिकस्त दी।
टेस्ट में 100 के औसत से चूक गए ब्रेडमैन
साल 1948 में डॉन ब्रेडमैन अपना आखिरी टेस्ट मैच लंदन के ओवल में खेल रहे थे। उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 का औसत पूरा करने के लिए सिर्फ चार रनों की दरकार थी। लेकिन ब्रेडमैन उस मुकाबले में बगैर खाता खोले आउट हो गए। उन्हें इंग्लिश गेंदबाज एरिक होलीज ने अपना शिकार बनाया। इसके अलावा वह टेस्ट क्रिकेट में 7 हजार रन बनाने से भी चूक गए थे। ब्रेडमैन ने अपने करियर में 52 टेस्ट मैच खेले जिनमें उन्होंने 99.94 के औसत से 6996 रन बनाए जिनमें उनके 29 शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी डॉन ब्रेडमैन का बल्ला खूब चला। उन्होंने अपने करियर में 234 फर्स्ट क्लास मैचों में 28067 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 117 शतक और 69 अर्धशतक जड़े। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ब्रेडमैन का सर्वोच्च स्कोर 452 रन नाबाद रहा। क्रिकेट के बेताज बादशाह कहे जाने वाले ब्रेडमैन ने 25 फऱवरी 2001 को 92 साल और 182 दिन की उम्र में इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया।