फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

B'Day Spcl: जब गंभीर की कप्तानी में केकेआर बनी थी चैंपियन, सीएसके के विजय रथ को रोका था

Thu, 14 Oct 2021 01:33 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और स्टार सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर आज 40 साल के हो गए हैं। क्रिकेट के मैदान में अपनी शानदार बल्लेबाजी से विरोधियों को पस्त करने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने करियर में कई सारी उपलब्धियां हासिल की।
विज्ञापन
गौतम गंभीर जन्मदिन: आईपीएल ट्रॉफी के साथ गौतम गंभीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और स्टार सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर आज 40 साल के हो गए हैं। क्रिकेट के मैदान में अपनी शानदार बल्लेबाजी से विरोधियों को पस्त करने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने करियर में कई सारी उपलब्धियां हासिल की। उन्होंने बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी कमाल किया। उनकी अगुवाई में ही कोलकाता नाइटराइडर्स ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था। ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे गंभीर ने अपनी कप्तानी में 2012 में केकेआर को उसका पहला आईपीएल खिताब दिलाया था।   

विज्ञापन

सीजन में गंभीर ने की थी शानदार बल्लेबाजी

महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में चेन्नई सुपर किंग्स लगातार तीसरे खिताब की तलाश में थी और उसके सामने थी पहली बार फाइनल खेल रही कोलकाता नाइटराइडर्स। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोनों टीमों से कई दिग्गज मैदान में थे, जबकि स्टैंड्स से खुद बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान भी अपनी टीम का सपोर्ट कर रहे थे। 

केकेआर को फाइनल में पहुंचाने में कप्तान गौतम गंभीर की अहम भूमिका थी। उन्होंने तब पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 17 मैचों में 39.33 की औसत और 143.55 की स्ट्राइक रेट से 590 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने छह अर्धशतक भी जड़े थे। ऐसे में फाइनल में भी उनसे इसी तरह की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वह पहले ही ओवर में सिर्फ दो रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

रैना ने खेली थी तूफानी पारी

दरअसल तब दो बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सीएसके की तरफ से माइकल हसी (54) और मुरली विजय (42) ने शानदार शुरुआत की। इसके बाद सुरेश रैना ने 38 गेंदों में 73 और धोनी ने 9 गेंदों में 14 रन की नाबाद पारी खेलकर कोलकाता के सामने 191 रन का विशाल लक्ष्य रखा। 

बिस्ला और कैलिस ने खेली थी मैच जिताऊ पारी

जवाब में कोलकाता की शुरुआत बेहद खऱाब हुई और फॉर्म में चल रहे कप्तान गौतम गंभीर सिर्फ दो रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर जैक्स कैलिस ने मनविंदर बिस्ला नाम के अनजाने क्रिकेटर और टीम के सलामी बल्लेबाज के साथ मिलकर टीम को संभाला और 133 रनों की साझेदारी निभाई। बिस्ला ने 48 गेंदों में 89 रन बनाए तो वहीं कैलिस ने 49 गेंदों में 69 रन की पारी खेली। रही सही कसर शाकिब अल हसन और मनोज तिवारी ने तेजी से रन बटोरकर पूरी कर दी। कोलकाता ने दो गेंद शेष रहते लक्ष्य को हासिल कर लिया और अपने पहले खिताब को चूमा। 

तब गंभीर ने जीत के बाद अपने खिलाड़ियों की तारीफ़ करते हुए कहा था कि कोई टीम सफल कप्तान बनाती है, सफल कप्तान सफल टीम नहीं बनाता।
विज्ञापन

इतिहास दोहराने का मौका

गंभीर की कप्तानी में अपना पहला खिताब जीतने वाली केकेआर एक बार फिर से फाइनल में है। इस बार उसकी कमान इंग्लैंड के स्टार कप्तान इयोन मोर्गन के हाथों में है जबकि सामने कोई और नहीं बल्कि धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स ही है। ऐसे में एक बार फिर से कोलकाता नाइटराइडर्स उस इतिहास को दोहराना चाहेगी और अपना तीसरा खिताब जीतना चाहेगी। वैसे कोलकाता नाइट राइडर्स का आईपीएल फाइनल में जीत का रिकॉर्ड शत प्रतिशत है यानी वह कभी भी खिताबी मुकाबला नहीं हारे हैं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें