टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ आर अश्विन
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टी-20 क्रिकेट विश्व कप शुरू होने से पहले विराट कोहली की टीम इंडिया को खिताब जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। भारतीय टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप से पहले संयुक्त अरब अमीरात में आईपीएल खेला। इन खिलाड़ियों को यूएई की परिस्थितियों में अभ्यस्त होने का काफी समय मिला। विश्व कप शुरू होने से पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैड के खिलाफ दो अभ्यास मैच खेले जिनमें एकतरफा जीत दर्ज की। लेकिन यह टीम इंडिया का दुर्भाग्य रहा कि उसने विश्व कप अभियान में निराशाजनक शुरुआत की। वर्ल्ड कप में भारत अब तक दो मैच खेल चुका है जिनमें अनुभवी स्पिनर आर अश्विन को मौका नहीं मिला। जिसे देखते हुए इंग्लैंड के क्रिकेट निक कॉम्पटन ने सवाल उठाए हैं।
विश्व कप में खराब रही भारत की शुरुआत
विश्व कप अभियान में टीम इंडिया की शुरुआत काफी खराब रही है। रविवार को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में कीवी टीम ने भरात को 8 विकेट से हराया। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 110 रन बनाए। जीत के लिए 111 रनों का लक्ष्य न्यूजीलैंड ने 14.3 ओवर में दो विकेट खोकर पूरा कर लिया। इससे पहले 24 अक्तूबर को खेले गए मैच में पाकिस्तान ने भारत को 10 विेकेट से पटखनी दी थी। इन दो हार के बाद भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद करीब समाप्त हो गई है।
अश्विन को लेकर कॉम्पटन ने उठाए सवाल
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के दौरान भारतीय टीम में कुछ प्रयोग किए गए। ईशान किशन ने केएल राहुल के साथ ओपनिंग की। वहीं, स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा तीसरे नंबर पर बैटिंग करने आए। जबकि, विराट का नंबर चौथा रहा। टीम इंडिया में किए गए इस प्रयोग पर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाए। इसके अलावा इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर निक कॉम्पटन ने आर अश्विन को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, मुझे समझ में नहीं आता कि अश्विन के साथ कोहली के खराब रिश्ते ने उन्हें भारतीय टीमों से बाहर रखने की अनुमति कैसे दी। उन्होंने आगे लिखा, क्या आपको लगता है कि कप्तानों को ऐसी स्वायत्तता दी जानी चाहिए?
टेस्ट में भी नहीं मिला था अश्विन को मौका
यह पहली बार नहीं है जब आर अश्विन को लेकर टीम इंडिया की आलोचना की जा रही है। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ खेली टेस्ट सीरीज मे भी आर अश्विन को मौका नहीं मिला था। भारत ने इस दौरान चार टेस्ट मैच खेले लेकिन अश्विन को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया।