वनडे विश्व कप 2023 में भारतीय टीम अब तक अजेय है। ट्रॉफी अपने नाम करने के लिए भारत को आगे भी अजेय रहना होगा। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले भारत के लिए खतरे की घंटी बज गई है। पिछले एक दशक में न तो न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी टूर्नामेंट में भारत का रिकॉर्ड अच्छा है और न ही नॉकआउट मुकाबलों में किसी भी टीम के खिलाफ भारत ने अच्छा खेल दिखाया है। वहीं, नीदरलैंड के खिलाफ जो हुआ उससे कप्तान और कोच की परेशानी बढ़ गई है।
इस विश्व कप में भारतीय गेंदबाज शानदार लय में रहे हैं। पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 199 रन पर समेटने से लेकर श्रीलंका को 55 रन और दक्षिण अफ्रीका को 83 रन पर आउट करने तक भारतीय गेंदबाजों ने खासा प्रभावित किया। कई दिग्गजों का यहां तक कहना है कि यह पिछले 50 साल में देश का सबसे बेहतरीन गेंदबाजी अटैक है। वहीं, कई पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि पिछले कुछ समय में यह किसी भी टीम का सबसे बेहतरीन गेंदबाजी अटैक है। कुल मिलाकर सभी इस बात पर सहमत हैं कि इस विश्व कप में सबसे बढ़ियां गेंदबाजी भारत की है।
भारत बनाम नीदरलैंड
- फोटो : सोशल मीडिया
नीदरलैंड के खिलाफ मैच में ऐसा नहीं देखने को मिला, जो भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली बात है। इस विश्व कप में भारत ने नौ मुकाबले खेले हैं और सिर्फ चार बार विपक्षी टीम 250 का आंकड़ा छू पाई है। दूसरे मैच में अफगानिस्तान ने ऐसा किया फिर बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की टीम ने 250 से ज्यादा रन बनाए। इन तीनों टीमों ने पहले बल्लेबाजी करते हुए यह स्कोर बनाया था, जिसे भारत ने आसानी से हासिल कर लिया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में शमी की टीम इंडिया में वापसी हुई। इसके बाद भारत की गेंदबाजी अलग लय में दिखी। इंग्लैंड जैसी टीम को भारत ने 129 रन पर समेटा। इसके बाद श्रीलंका को 55 रन और दक्षिण अफ्रीका को 83 रन पर समेट दिया। इसके बाद माना जा रहा था कि नीदरलैंड के लिए भारत के खिलाफ 20 ओवर खेलना भी मुश्किल होगा। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। नीदरलैंड 47.5 ओवर तक खेला और 250 रन बना दिए। इस विश्व कप में यह पहला मौका था, जब किसी टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के खिलाफ 250 रन बनाए हैं।
विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
सबसे अहम बात तो यह थी कि कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में नौ गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। सिर्फ विकेटकीपर लोकेश राहुल और श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजी नहीं की। विराट कोहली और रोहित शर्मा ने विकेट भी लिए। कोहली ने विपक्षी कप्तान को आउट किया तो रोहित ने आखिरी विकेट लेकर नीदरलैंड की पारी समाप्त की। ऐसे में सवाल उठता है कि बड़ी-बड़ी टीमों को अपनी गेंदों पर नचाने वाले भारत के प्रमुख गेंदबाज क्या कर रहे थे। इस मैच में भारत के प्रमुख गेंदबाजों ने 40 ओवर किए और आठ विकेट हासिल किए। चार मुकाबलों में 16 विकेट लेने वाले शमी को कोई सफलता नहीं मिली। उनका इकोनॉमी रेट भी 6.80 का रहा। बुमराह भारत के एकमात्र गेंदबाज थे, जिनका इकोनॉमी रेट चार से कम था। ऐसे में टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल मुकाबले से पहले चिंता बढ़ गई है। नीदरलैंड जैसी टीम को भारत के प्रमुख गेंदबाज 40 ओवर में आउट नहीं कर पाए और जमकर रन भी लुटाए। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों को फिर से लय पकड़नी होगी। ऐसा नहीं होने पर टीम इंडिया के चैंपियन बनने का सपना एक बार फिर टूट सकता है।