कप्तान ने कहा, 'हम उन्हें बताएंगे कि लंबे प्रारूप में कैसे खेला जाता है और स्पष्ट तौर पर जो पदार्पण कर रहा है, आप उस पर अपेक्षाओं और जिम्मेदारियों का दबाव नहीं डालना चाहते।' मिताली ने भविष्य में द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में तीनों प्रारूपों के मुकाबले का समर्थन करते हुए कहा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी सरजमीं पर टेस्ट मैच शुरुआत हैं। भारत इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक डे-नाइट टेस्ट खेलेगा।
मिताली ने कहा कि आधुनिक क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं क्योंकि इस प्रारूप में खिलाड़ी के कौशल की परीक्षा होती है। उन्होंने कहा, 'हम टी-20, वनडे खेलते हैं, क्या पता आगामी वर्षों में शायद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का भी आयोजन हो, आप कुछ नहीं कह सकते।' उन्होंने कहा, 'इसलिए यह सिर्फ शुरुआत है, उम्मीद करते हैं कि द्विपक्षीय श्रृंखलाएं जारी रहेंगी जहां तीनों प्रारूपों के मुकाबले होंगे।' मिताली ने कहा कि लाल गेंद से आदी होने के लिए बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने अधिक से अधिक सत्र में अभ्यास किया।
उन्होंने कहा, 'हम टेस्ट मैच और श्रृंखला को लेकर उत्सुक हैं। हां, हम पिछली बार 2017 में इंग्लैंड की सरजमीं पर खेले थे। यह टीम के लिए अच्छा अनुभव था और अधिकांश खिलाड़ी उस टीम का हिस्सा थीं, इसलिए उनके पास अनुभव है। साथ ही पहली बार श्रृंखला के लिए अंक होंगे इसलिए स्पष्ट तौर पर यह रोमांचक श्रृंखला होगी और हम इसे लेकर उत्सुक हैं।'
भारतीय महिला क्रिकेट टीम सात साल में पहली बार टेस्ट मैच खेलने जा रही है। इससे पहले टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने मिताली एंड कंपनी को खास संदेश दिया है। जडेजा ने अपने आधाकिरक ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा से सुखद अहसास रहा है। सात साल बाद महिला क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना अच्छा लगेगा। मैं इंग्लैंड के खिलाफ इस इकलौते टेस्ट के लिए भारतीय महिला क्रिकेटरों को शुभकामनाएं देता हूं।'
तेंदुलकर को भरोसा है कि शेफाली को अगर बुधवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट में टेस्ट पदार्पण का मौका मिलता है तो वह अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, ट17 साल की किसी भी अन्य खिलाड़ी की तरह, आप उसके अंदर उत्साह और ऊर्जा देख सकते हो। मुझे काफी खुशी है कि उसने प्रगति की और वह भारत के लिए अच्छा कर रही है। वह भारत की नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट की अहम सदस्यों में से एक होगी क्योंकि उसमें बल्लेबाजी करते हुए लोगों का ध्यान खींचने और उन्हें जोड़े रखने का कौशल और क्षमता है।' बता दें कि अपने आक्रामक शॉट से महिला क्रिकेट में सुर्खियां बटोरने वाली 17 साल की शेफाली ने तेंदुलकर को 16 साल की उम्र में अनके पदार्पण की याद ताजा करा दी थी जब उन्होंने वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे तूफानी गेंदबाजों का सामना किया था।