टीम इंडिया को नागपुर टेस्ट में नई रणनीति के साथ उतरना भी भारी पड़ता दिख रहा है। चौथे टेस्ट के दूसरे ही दिन भारतीय बल्लेबाजी अपनी नाक बचाने के लिए संघर्ष करने को मजबूर हो गई। इंग्लैंड के 330 रन के जवाब में भारत के चार धुरंधर बल्लेबाज महज 87 रन पर पेवेलियन लौट चुके हैं। हालांकि विकेट बल्लेबाजी के लिए मुश्किल है लेकिन भारतीय बल्लेबाजी की दशा बताने के लिए इतना ही काफी है कि वीरेंद्र सहवाग (0) और सचिन तेंदुलकर (02) जेम्स एंडरसन की गेंद पर बच्चों की तरह क्लीन बोल्ड हुए।
स्टंप्स के समय विराट कोहली 11 रन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (08) भारत को शर्मिंदगी से बचाने के संघर्ष में जुटे हुए थे। भारतीय टीम अभी भी 243 रन पीछे है और इतने रन जुटाना काफी मुश्किल होगा।
पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर सहवाग के बोल्ड होने के बाद गौतम गंभीर और चेतेश्वर पुजारा ने टीम इंडिया को झटके से निकालने की कोशिश की। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 58 रन जोड़े। लेकिन भारत ने 12 रन के अंतराल में पुजारा, सचिन और गंभीर के विकेट गंवा दिए, जो भारत के लिए सबसे खराब साबित हुआ।
पुजारा को स्वान की गेंद पर फारवर्ड शार्ट लेग पर इयान बेल ने दाईं तरफ गोता लगाते हुए लपका। हालांकि यह फैसला संदेह भरा था। सचिन से एक बार फिर उम्मीदें थी लेकिन एंडरसन की बेहतरीन इनस्विंगर उनके डिफेंस को छकाती हुई स्टंप में घुस गई।
सचिन का विकेट 64 के स्कोर पर गिरा। इसके सात रन बाद एंडरसन की बाहर निकलती गेंद गंभीर के बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुए विकेटकीपर मैट प्रायर के हाथों में समा गई। एंडरसन ने 24 रन पर तीन विकेट और स्वान ने नौ रन देकर एक विकेट लिया।
इंग्लैंड ने पांच विकेट पर 199 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसकी पारी लंच के बाद के सत्र में 330 रन पर सिमट गई। आगाज मैच खेल रहे जो रूट (73) ने मैट प्रायर (57) और ग्रीम स्वान (56) के साथ मिलकर पांच विकेट पर 139 रन की नाजुक स्थिति से अपनी टीम को बाहर निकाला। रूट ने 31 और प्रायर ने 34 रन से आगे खेलते हुए छठे विकेट के लिए 103 रन जोडे़। आर. अश्विन ने प्रायर को बोल्ड कर इस साझेदारी को जुदा किया।