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भारत का खुफिया एजेंट था अबू जुंदाल: मलिक

Sun, 16 Dec 2012 01:28 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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‘दोस्ती का पैगाम’ लेकर भारत आए पाकिस्तान के बड़बोले गृह मंत्री रहमान मलिक ने शनिवार देर रात एक और कूटनीतिक बम फोड़ा।
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एक दिन पहले ही 26/11 के आतंकी हमले और बाबरी विध्वंस की तुलना कर चुके मलिक ने अब कहा कि लश्कर-ए-ताइबा का आतंकी अबू जुंदाल भारतीय खुफिया एजेंसियों का एजेंट था। हालांकि उनके इस दावे को गृह मंत्रालय ने तत्काल खारिज कर दिया है।

26/11 के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक जुंदाल को सऊदी अरब ने भारत को सौंपा था। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक मुंबई हमले के समय जुंदाल कराची के कंट्रोल रूम में मौजूद था।
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जुंदाल से पाकिस्तानी पासपोर्ट भी मिला था। बहरहाल, मलिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम भी हैरान हैं। अबू जुंदाल एक कुख्यात अपराधी था। वो किसी भारतीय खुफिया एजेंसी का एजेंट भी रहा।

हम यह खुद नहीं कह रहे, बल्कि यह बात रिकॉर्ड में दर्ज है और हमने वह रिकॉर्ड देखे हैं। मलिक ने कहा कि जुंदाल के अलावा दो और लोग भी थे, जो पाकिस्तान गए थे। ये हैरानी वाली बात है कि वे पाकिस्तान क्यों गए थे।

मलिक ने हालांकि यह साफ नहीं किया वे किस आधार पर यह दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाक जांच कर रहा है कि भारत और पाकिस्तान के नॉन स्टेट एक्टर्स कहीं किसी तीसरी ताकत के इशारे पर मिलकर काम तो नहीं कर रहे हैं।

भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक जुंदाल करीब एक साल तक सऊदी अरब की हिरासत में था और इस दौरान पाकिस्तान ने उसे भारत को नहीं सौंपने के लिए सऊदी अरब पर काफी दबाव डाला था। पाकिस्तान को डर था कि जुंदाल मुंबई हमले में पाकिस्तान की सरकारी मशीनरी का हाथ होने के खुलासा कर सकता है।

इससे पहले मलिक ने मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पर्याप्त सबूत नहीं होने की पाकिस्तान की बहानेबाजी फिर दोहराई। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सबूत मिलने पर ही सईद को गिरफ्तार किया जा सकेगा।

बाबरी पर अपने विवादित बयान से भारत में गरमाए माहौल के बीच मलिक ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें पाकिस्तान आने का न्यौता भी दिया। मलिक ने कहा कि पूरा पाकिस्तान मनमोहन सिंह के स्वागत का इंतजार कर रहा है।

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने मलिक से 15 मिनट की मुलाकात में आतंकवाद से जुड़े मसलों को उठाया और मुंबई हमले के गुनहगारों पर कार्रवाई में तेजी समेत आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान से और कड़े कदम उठाने की बात कही।

हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस मुलाकात के बारे में कोई बयान नहीं जारी किया गया है। प्रधानमंत्री के अलावा मलिक ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से भी मुलाकात की।

वहीं, मलिक 26/11 और बाबरी विध्वंस के शुक्रवार के अपने विवादित बयान से पलट गए हैं। अपनी भारत यात्रा के पहले ही दिन बयान देकर फंसे मलिक ने शनिवार को सफाई दी कि बाबरी विध्वंस की तुलना उन्होंने 26/11 जैसी आतंकी घटनाओं से कभी नहीं की।
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इतना ही नहीं मलिक ने कारगिल युद्ध में कैप्टन सौरभ कालिया की मौत को लेकर दिए अपने असंवेदनशील बयान का भी डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है। इस सिलसिले में मलिक ने कैप्टन कालिया के मुद्दे को पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय के समक्ष उठाकर इसकी जांच कराने का वादा किया है।

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