पहले टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर विराट ने कहा, 'ये ब्रेक मेरे लिए भी खुद को तरोताजा कर वापस आने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। कप्तानी करना और टीम की जिम्मेदारी निभाना तनावपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा अगर आप लंबे समय तक एक बबल के अंदर है तो चीजें और भी मुश्किल हो जाती हैं। ऐसे में समय-समय पर ब्रेक लेना जरूरी है।' उन्होंने कहा, 'अगर आपके पास खिलाड़ी खेलने के लिए नहीं बचे तो क्रिकेट की गुणवत्ता को बनाए रखना मुश्किल होगी। जैसे स्टोक्स ने ब्रेक लिया है, भविष्य में और खिलाड़ी भी ऐसा कर सकते हैं। खिलाड़ी किसी न किसी स्तर पर बायो-बबल की जिंदगी से थक सकते हैं।'
वहीं, कोहली ने इस दौरान कहा कि खेल में खामियों को परखने की जिम्मेदारी खुद खिलाड़ी की है और चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी के आलोचकों को उन्हें खुद इसका आकलन करने के लिए छोड़ देना चाहिए। पुजारा का बचाव करते हुए कहा, 'इस बारे में पिछले कुछ समय से बात हो रही है और मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि इस तरह के प्रतिभा और अनुभव वाले खिलाड़ी को खेल की कमियां निकालने के लिए अकेला छोड़ दिया जाना चाहिए।' मौजूदा भारतीय टीम में कोहली के बाद पुजारा टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 86 मैचों में 6267 रन बनाए हैं लेकिन उनकी आलोचना अक्सर जरूरत से ज्यादा होती है।