भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह सोमवार को वर्ल्ड कैंसर डे के दिन कैंसर के साथ की गई अपनी जंग को याद करके भावुक हो गए। कैंसर की जंग जीतने वाले युवराज ने एक समारोह में अपना अनुभव बांटा, जिसमें कैंसर के रोगियों और इस बीमारी से बचने वालों ने इस बीमारी से संघर्ष के अपने अनुभव बांटे।
युवराज ने कहा, ‘जब पहली बार मुझे बताया गया कि मुझे कैंसर है तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मैंने सोचा कि आखिर मेरे जैसे युवा व्यक्ति को कैंसर कैसे हो सकता है। मैंने सोचा कि मेरे साथ ऐसा कभी नहीं हो सकता। मुझे यह महसूस करने में कुछ वक्त लगा कि मुझे कैंसर है।
युवी की किताब का विमोचन करेंगे सचिन
सीनियर भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर अपनी टीम के साथी युवराज सिंह के कैंसर से संघर्ष की यादों पर लिखी किताब का विमोचन करेंगे। ‘इन डिफ्रेंट फार्म’ नाम की इस संस्मरणीय किताब में युवराज की कैंसर की शुरूआत से उबरने तक के सफर के बारे में लिखा गया है। भारत की 2011 में मिली विश्व कप खिताबी जीत के बाद उनके फेंफड़े में कैंसर का सफल उपचार हुआ था।
युवराज ने ‘विश्व कैंसर दिवस’ के मौके पर अपने कैंसर के लिये चलाये गये अभियान ‘यूवीकैन’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘सचिन तेंदुलकर किताब के विमोचन पर आयेंगे। ’’ इस किताब के मार्च तक बाजार में आने की उम्मीद है।