भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच दक्षिण अफ्रीकी कप्तान डीन एल्गर के करियर का आखिरी मैच भी था। यह मैच सिर्फ पांच सत्र में खत्म हो गया। मुकाबला खत्म होने के बाद डीन एल्गर काफी भावुक हो गए। उन्हें एक फोटो भी तोहफे में दी गई। इसमें उनके करियर के अलग-अलग पल दिखाए गए थे। वहीं, भारतीय टीम ने उन्हें एक जर्सी तोहफे के रूप में दी। इस जर्सी में सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर थे।
डीन एल्गर के करियर का आखिरी मैच टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे छोटा मैच रहा, जिसका नतीजा किसी टीम के पक्ष में आया। यह मुकाबला महज 107 ओवर में खत्म हो गया। इससे पहले सबसे छोटा मैच 1932 में खेला गया था। 109.2 ओवर में खत्म हुए इस मुकाबले को ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम किया था। इस मैच की पहली पारी में दक्षिण अफ्रीकी टीम सिर्फ 55 रन पर सिमट गई। भारत ने 153 रन बनाकर 98 रन की बढ़त ली। दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी पारी में 176 रन बनाकर भारत के सामने 79 रन का लक्ष्य रखा और टीम इंडिया ने तीन विकेट खोकर इसे हासिल कर लिया।
डीन एल्गर को लेकर भारतीय कप्तान ने कहा "वह दक्षिण अफ्रीका के लिए बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे, उन्होंने अपने पूरे करियर में दक्षिण अफ्रीका के लिए जो किया है, वह केवल कुछ ही लोगों ने किया है। हमने केवल इस बारे में बात की कि हम उन्हें कैसे जल्दी आउट करना चाहते हैं। किसी के लिए इस तरह का करियर बनाना, हम सभी इसकी सराहना करते हैं। मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आपको ऐसा खिलाड़ी बार-बार देखने को नहीं मिलता। शानदार करियर, आगे के लिए शुभकामनाएं।"
अपने करियर को लेकर एल्गर ने कहा "शानदार यादें। मुझे यकीन है कि मैंने वह टेस्ट मैच खेला था जब उसने (बुमराह) पदार्पण किया था। हम भी बहुत आगे आ गए हैं। इन लोगों के खिलाफ खेलने के लिए बहुत आभारी हूं। ढेर सारी अच्छी, अद्भुत यादें। मुझे यह (टेस्ट कैप) 2012 में पर्थ डेब्यू में मिली, मैं इसके बाद केवल एक सीरीज में नहीं खेला। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली बार कप्तानी की थी। इस कैप को घर पर एक विशेष स्थान मिला हुआ है और यह बाहर नहीं जाती है, केवल ड्यूटी के लिए निकलती है, लेकिन यह अब धूल-धूसरित हो चुकी है। तो मुझे इसके लिए एक विशेष जगह ढूंढनी होगी। यह पहली टोपी है और मुझे खुशी है कि मैंने इसी के साथ पूरे करियर में खेला।"