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गजब का वर्ल्ड कप, पहले बल्लेबाज चले अब गेंदबाजों की बारी

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वर्ल्ड कप यानि क्रिकेट का महाकुंभ जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है नित नए सरप्राइज सामने आते जा रहे है। रोमांच से भरपूर इस टूर्नामेंट में पहले जहां बल्लेबाजों के बूते हर टीम 300 के आंकड़े को आसानी से पार कर रही थी और लगने लगा कि यह वर्ल्ड कप सिर्फ बल्लेबाजों के कारण याद रखा जाएगा। लेकिन पिछले कुछ मैचों से गेंदबाज बल्लेबाजों पर हावी हो गए हैं और उन्हें खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दे रहे।
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क्रिकेट के इस महायुद्ध में बड़ी टीमों के धुंरधरों की हवा निकलने लगी है। हाल ही में दो बार वर्ल्ड कप विजेता रही वेस्टइंडीज टीम को आयरलैंड जैसी छोटी और कम अनुभव वाली टीम ने हराकर बड़ा उलटफेर किया था।

यह सरप्राइज कम भी नहीं हुआ था कि आज न्यूजीलैंड के धाकड़ गेंदबाज टिम साउदी की गेंदों के आगे दिग्गज टीम इंग्लैंड के सूरमा पानी-पानी हो गए। पतझड़ की तरह उन्होंने विकेट गवांए और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।
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23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की धरती पर हो रहे क्रिकेट के इस महाकुंभ के शुरुआत में जहां पहले बल्लेबाजों के दम पर टीमें 300 का विशाल स्कोर आसानी से पार कर रही थीं, वहीं अब बल्लेबाज फुस्स हो रहे है।
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5 मैचों के बाद गेंदबाज हुए बल्लेबाजों पर हावी

14 फरवरी से शुरू हुए वर्ल्ड कप के शुरुआती पांच मैचों में बल्लेबाजों के दम पर टीम ने जीत हासिल की। लेकिन बाद के तीन मैचों में अचानक ही गेंदबाजों ने यू टर्न कराते हुए पासा पलटते हुए अपनी ओर ले लिया।

अगर ‌पिछले सभी मैचों पर नजर दौड़ाएं तो शुरू के 5 मैचों में बल्लेबाजों ने अपना जौहर दिखाया और अपनी टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया। छोटी टीम आयरलैंड ने भी वेस्टइंडीज के विशाल लक्ष्य 304 को पार कर लिया और हरा दिया। लेकिन बाद के 3 मैचों में अचानक गेंदबाज हावी हो गए।

पिछले तीन मैचों में बल्लेबाजों को 300 का स्कोर तो दूर 200 रन बनाने में ऐड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा। पिछले तीन मैचों में एक टीम का एक पारी में सर्वाधिक स्कोर 267 ही बन पाया। बाकी मैचों में 150 रनों के आस-पास ही टीमें ढेर हो गईं।

दरअसल, वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छोटी बाउंड्री वाले क्रिकेट ग्राउंड्स में किया जा रहा है। यहां बल्लेबाज आसानी से गेंद को बाउंड्री पार पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं आईसीसी द्वारा पॉवरप्ले को लेकर नए नियम लाए गए है, जिसका सीधा फायदा बल्लेबाजों को हो रहा है और रन ज्यादा बन रहे है।

लेकिन पिछले तीन मैचों में गेंदबाजों ने अपना जौहर दिखाया और खुद को बल्लेबाजों से बेहतर साबित किया है। अब आगे के मैचों में देखना दिलचस्प होगा कि बल्लेबाज हावी होंगे या गेंदबाज।
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