वनडे विश्व कप 2023 खत्म हो चुका है। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारतीय टीम को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में चैंपियन की तरह खेली थी और अपने सभी 10 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी। मेजबान भारत की जीत तय मानी जा रही थी। ऐसे में सिनेमा, खेल और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियां फाइनल मैच देखने पहुंची थीं। प्रधानमंत्री मोदी भी फाइनल मैच देखने पहुंचे थे। हालांकि, खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया ने छह विकेट से हरा दिया।
भारत की हार के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इशारों में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा था और उन्हें पनौती कहा था। उनके इस बयान पर काफी बवाल हुआ और भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग से राहुल गांधी पर कार्रवाई की मांग भी की। इसके बाद भाजपा ने इंदिरा गांधी और हॉकी टीम की घटना की याद दिलाई है।
इंदिरा गांधी ने क्या किया था?
भाजपा नेता राधा मोहनदास अग्रवाल ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और गृह मंत्री बूटा सिंह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1982 एशियाड हॉकी फाइनल देखने गए थे, जिसमें भारत पाकिस्तान से 7-1 से हार गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के पिछड़ने के बाद उन्होंने मैच बीच में ही छोड़ दिया था। उन्होंने दावा किया कि यह टीम का अपमान था और इंदिरा गांधी के व्यवहार ने खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय गोलकीपर मीर रंजन नेगी के सार्वजनिक अपमान के पीछे भी यह एक कारण था।
अग्रवाल ने कहा, नेगी को संन्यास लेने के लिए मजबूर किया गया और 1998 में गोलकीपिंग कोच के रूप में उन्होंने वापसी की। इस समय केंद्र में भाजपा सत्ता में थी और भारत ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। नेगी 2002 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम के गोलकीपिंग कोच थे।
क्यों हो रहा विवाद?
विश्व कप फाइनल में भारत की हार के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी को इशारों में पनौती करार दिया। इसके बाद भाजपा ने 1982 में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हार का जिक्र किया, जिसे देखने के लिए इंदिरा गांधी पहुंची थीं। भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ एक्शन लेने की भी मांग की। खरगे ने कहा था कि नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी जाति को आरक्षण मिला, जबकि भाजपा का कहना है कि उनकी जाति को आरक्षण 1999 में मिला था और वह 2001 में मुख्यमंत्री बने।