फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोहिंदर अमरनाथः वो बल्लेबाज, जो जबड़े पर छह टांके के साथ उतरा और गेंदबाजों की बैंड बजा दी

Tue, 24 Sep 2019 12:14 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
मोहिंदर अमरनाथ - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

एक खिलाड़ी जिसने अपने पिता से विरासत में मिली क्रिकेट की परंपरा को आगे बढ़ाया और भारतीय क्रिकेट को उस मुकाम तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई, जहां भारतीय क्रिकेट को पहुंचता हुआ हर देशवासी देखना चाहता था। वह जुझारू खिलाड़ी, जो जबड़े पर छह टांके लगने के बाद भी पिच पर बल्लेबाजी करने उतर गया। 1983 विश्व कप की ट्रॉफी को हाथ में थामे कपिल देव की तस्वीर को सभी ने देखा है, उस तस्वीर में कपिल के साथ हाथ में शैंपेन की बोतल लिए लॉर्ड्स की बालकनी में एक और खिलाड़ी खड़ा है, जो उस विश्व कप का हीरो था। नाम है मोहिंदर अमरनाथ। मोहिंदर अमरनाथ आज अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं।

विज्ञापन

कपिल देव-मोहिंदर अमरनाथ - फोटो : सोशल मीडिया
मोहिंदर ने 1983 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 26 रन बननाए और तीन विकेट लेकर 'मैन ऑफ द मैच' रहे। 24 सितंबर 1950 को पंजाब के पटियाला में जन्में मोहिंदर अमरनाथ को विरासत में क्रिकेट मिला। उनके पिता लाला अमरनाथ एक बेहतरीन भारतीय बल्लेबाज थे और भारतीय टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहला शतक जड़ने वाले भी बल्लेबाज लाल अमरनाथ ही थे।

क्रिकेट से लगाव को मोहिंदर ने प्रोफेशनल करियर में बदला और भारत के पहले वर्ल्डकप के हीरो बने। मोहिंदर अमरनाथ ने साल 1969 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में खेला, डेब्यू टेस्ट में मोहिंदर ने बल्ले से 16 रन बनाए, वहीं दो विकेट भी चटकाए। मोहिंदर ने क्रिकेट में तब डेब्यू किया था, जब क्रिकेट बदलाव के दौर से गुजर रहा था।

टेस्ट क्रिकेट के बाद 1975 से वन-डे क्रिकेट की शुरुआत हुई। वनडे क्रिकेट का फॉर्मेट ऐसा था कि उसमें ऑलराउंडर की भूमिका बढ़ जाती है। यही वजह है कि मोहिंदर एकदिवसीय क्रिकेट में बिल्कुल फिट बैठते। मोहिंदर अमरनाथ ने 69 टेस्ट मैच में  4378 रन के साथ 32 विकेट और 85 वन-डे में 1924 रन के साथ 46 विकेट चटकाए थे। इस दिग्गज खिलाड़ी के दिलेरी का एक किस्सा आइए आपको सुनाते हैं।
विज्ञापन

मोहिंदर अमरनाथ - फोटो : सोशल मीडिया
टीम इंडिया 1983 में वेस्टइंडीज के दौरे पर गई। मोहिंदर अमरनाथ की टीम में वापसी हुई थी। विश्व कप से ठीक पहले की सीरीज थी। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज आग उगल रहे थे। मैल्कम मार्शल, माइकल होल्डिंग और एंडी रॉबर्ट्स तीनों मिलकर इंडियन बैटिंग लाइनअप को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। मोहिंदर ने दूसरे टेस्ट में इन गेंदबाजों को झेला दिया और पहली इनिंग्स में 58 रन और दूसरी में सेंचुरी जड़ मैन आफ द मैच बने, लेकिन जो मजबूती उन्होंने चौथे टेस्ट में दिखाई, वो आज भी एक मिसाल है।

चौथे टेस्ट की पहली पारी में मोहिंदर अमरनाथ ने 91 रन बनाए। दूसरी पारी में मोहिंदर गावस्कर के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने उतरे। वेस्टइंडीज की पेस तिकड़ी आग उगल ही रही थी। बाउंसर को खेलने में अमरनाथ थोड़े कमजोर थे, बस फिर क्या था, माइकल होल्डिंग ने इसका फायदा उठाने की कोशिश की और एक गेंद को पूरी ताकत के साथ पटका। गेंद आकर सीधे अमरनाथ की ठुड्डी पर लगी और वह जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। सफेद शर्ट खून से लाल हो गई। अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे पर छह टांके लगे।

हालांकि आधे घंटे के भीतर ही उन्हें वापस ड्रेसिंग रूम में बैठाया गया। मैच चल रहा था, थोड़ी ही देर में बलविंदर संधू आउट होकर पवेलियन की ओर लौटने लगे, इधर ड्रेसिंग रूम में अमरनाथ खड़े हुए और बैटिंग करने के लिए तैयार होने लगे और कुछ मिनट में पिच पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने छह टांके लगने के बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए। मोहिंदर ने 18 रन से आगे खेलना शुरू किया और उनकी पारी 80 रन पर जाकर खत्म हुई। उनकी इस पारी को आज भी कैरेबियाई गेंदबाजों के सामने एक मिसाल समझा जाता है। हैप्पी बर्थडे लीजेंड...
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें