शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर तंज कसते हुए कहा था कि मुंबई में भारतीय टीम का भव्य स्वागत बोर्ड के लिए संदेश है कि देश की वित्तीय राजधानी से किसी बड़े टूर्नामेंट का फाइनल मैच नहीं छीनना चाहिए। इस पर अब बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने प्रतिक्रिया देते कहा कि जब महत्वपूर्ण फाइनल के आयोजन की बात आती है तो बोर्ड एक शहर को दूसरे पर प्राथमिकता नहीं दे सकता।
क्या था मामला?
टी20 विश्व कप की विजेता टीम का मुंबई में भव्य स्वागत किया गया था और मरीन ड्राइव से वानखेड़े स्टेडियम तक विजय जुलूस निकाला गया था। इसमें भारी संख्या में लोग मौजूद थे और वानखेड़े स्टेडियम पर भी लोगों को हुजूम मौजूद था। इसे लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ठाकरे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, मुंबई में जश्न बीसीसीआई को कड़ा संदेश भी है कि मुंबई से कभी भी विश्व कप फाइनल मत छीनो।
अहमदाबाद में हुआ था वनडे विश्व कप फाइनल
बीसीसीआई ने 2023 में आईसीसी वनडे विश्व कप की मेजबानी में इसका फाइनल मुंबई के बजाय अहमदाबाद में कराया था। भारत पिछले साल नवंबर में हुए विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। वहीं, 2011 वनडे विश्व कप का फाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुआ था जहां टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था।
राजीव शुक्ला ने आदित्य ठाकरे को दिया जवाब
शुक्ला ने कहा, कोलकाता में भी 1987 विश्व कप का फाइनल हो चुका है और कोलकाता को भारत में क्रिकेट का मक्का कहा जाता है। इसलिए यह फैसला नहीं किया जा सकता कि फाइनल एक विशेष शहर में ही होना चाहिए। मुंबई में कई सेमीफाइनल और फाइनल हो चुके हैं। साथ ही अहमदाबाद मैदान में 1,30,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है तो हमें क्षमता भी देखनी पड़ती है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स की क्षमता काफी अधिक है जिसमें करीब 80,000 दर्शक आ सकते हैं। ऐसा अन्य शहरों में भी है। यह फैसला पूरे देश को और सभी स्टेडियमों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। आप सिर्फ एक स्थल तक सीमित नहीं रह सकते।
शुक्ला ने कहा, हम मुंबई के लोगों और उनके खिलाड़ियों के स्वागत के लिए इकट्ठा होने को देखकर काफी खुश थे। मुंबई हमेशा हमारी प्राथमिकता है। लेकिन पूरा बीसीसीआई फैसला करता है कि फाइनल कहां कराए जाए, सेमीफाइनल कहां हों। हर मैच अहम है। मुंबई हमेशा हमारी प्राथमिकता सूची में है। लेकिन यह कहना कि सभी फाइनल एक ही शहर में होने चाहिए। ऐसा किसी भी देश में नहीं होता।