बकौल गांगुली, 'जब कार बाबूघाट क्षेत्र पहुंची तो एक पुलिस इंस्पेक्टर ने खिड़की से झांका और मुझे ध्यान से देखा। उसने मुझे पहचान लिया था और इसी कारण वह मुस्कुराया। मैं शर्मिंदा हुआ, लेकिन उनसे कहा कि इसे राज ही रहने दें। वह शानदार अनुभव था। नदी के पास विसर्जन का दृश्य अद्भुत था। इसे समझने के लिए आपको इसे देखना होगा। दुर्गा मां साल में सिर्फ एक बार जो आती हैं।'