भारत के खिलाफ सीरीज में 2-0 से पिछड़ चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए आगे की डगर भी काफी मुश्किल दिख रही है। अनुशासनहीनता के मामले में टीम से बाहर किए गए चार खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की मुसीबत और बढ़ा दी है।
उल्लेखनीय है कि शेन वॉटसन, तेज गेंदबाज जेम्स पैटिंसन, उस्मान ख्वाजा और तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन को अनुशासनहीनता के चलते 14 मार्च से मोहाली में शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया है।
खलेगी पैटिंसन की कमी
माहाली की पिच तेज गेंदबाजों की मददगार मानी जा रही है। जबकि इस दौरे पर अब तक सबसे सफल रहे ऑस्ट्रेलियाई जेम्स पैटिंसन प्रतिबंध के चलते मोहाली में नहीं खेलेंगे।
चेन्नई टेस्ट में पैटिंसन ने छह विकेट लेकर अकेले टीम इंडिया को मुश्किल में डाल दिया था। दूसरे टेस्ट में भी उन्होंने दो विकेट झटके थे।
जॉनसन के जाने से घटा विकल्प
शुरुआती दो टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने जिन गेंदबाजों को आजमाया है उसमें केवल पैटिंसन ही सफल रहे हैं। ऐसे पूरी संभावना थी कि टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन को मोहाली में खेलने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि मोहाली में जॉनसन पहले भी भारत को परेशानी में डाल चुके हैं।
कप्तान को खलेगी वॉटसन की कमी
शेन वॉटसन के टीम से बाहर हो जाने के बाद माइकल क्लार्क एक मात्र अनुभवी खिलाड़ी बचे हैं। इस दौरे पर वॉटसन भले ही चार पारियों में 77 रन बना पाए हैं। लेकिन वॉटसन जैसे खिलाड़ियों का अनुभव किसी भी टीम के लिए काफी उपयोगी साबित होता है।
मोहाली टेस्ट में मैदान पर रणनीति बनाने में क्लार्क को अनुभवी ऑलराउंडर वॉटसन की कमी खलेगी। साथ ही खेल के दौरान क्लार्क के मैदान से बाहर जाने की स्थिति में कम अनुभव वाले खिलाड़ी से कप्तानी करानी होगी।
मजबूरी मं ह्यूज को देना होगा मौका
पाकिस्तानी मूल के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा को भारतीय स्पिनरों के काट के रूप में भारत दौरे पर लाया गया था।
चेन्नई और हैदराबाद टेस्ट में भारतीय स्पिनरों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को जमकर परेशान किया। ऐसे में पूरी संभावना थी कि उस्मान ख्वाजा को तीसरे टेस्ट में आजमाया जा सकता था।
ख्वाजा के सस्पेंड होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को मोहाली टेस्ट में फिलिप ह्यूज को ही खिलाना पड़ेगा। जबकि शुरुआती दो मैचों की चार पारियों में ह्यूज ने केवल 25 रन बनाए हैं।