एक साल के अंदर कंगारुओं ने तीसरी बार भारतीय टीम का विश्व कप जीतने का सपना तोड़ दिया है। पिछले साल जून में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में हराया था। फिर पिछले साल ही 19 नवंबर को कंगारुओं ने भारतीय टीम को वनडे विश्व कप के फाइनल में शिकस्त दी थी। अब 85 दिन बाद ऑस्ट्रेलिया ने तीसरी बार टीम इंडिया को किसी खिताबी मुकाबले में हराया है।
अंडर-19 विश्व कप में यह ऑस्ट्रेलिया का चौथा खिताब है। इससे पहले वह 1988, 2002 और 2010 में भी खिताब जीत चुके हैं। 14 साल बाद ऑस्ट्रेलिया ने अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता है। भारत पांच बार की चैंपियन है। उसने 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में खिताब पर कब्जा जमाया था। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने भारत के लगातार दूसरा अंडर-19 विश्व कप जीतने के इरादे को भी ध्वस्त कर दिया। अब तक सिर्फ पाकिस्तान ही लगातार दो बार अंडर-19 विश्व कप जीत पाई है। उन्होंने 2004 और 2006 में ऐसा किया था।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 विश्व कप फाइनल।
- फोटो : ICC/X
ऑस्ट्रेलिया ऐसी पहली टीम बन गई है, जिसने पुरुष और महिला दोनों के आईसीसी टूर्नामेंट्स को मिलाकर लगातार चार आईसीसी के खिताब जीते हैं। फरवरी 2023 में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने टी20 विश्व कप जीता था। फिर जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। फिर नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर वनडे विश्व कप की ट्रॉफी जीती थी। अब फरवरी 2024 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में तीसरी बार आमने-सामने थीं। इससे पहले 2012 और 2018 में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में हराया था। 2012 में उन्मुक्त चंद और 2018 में पृथ्वी शॉ भारतीय टीम के कप्तान थे। यह पहली बार है जब अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में कंगारुओं ने टीम इंडिया को शिकस्त दी है।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 विश्व कप फाइनल।
- फोटो : ICC/X
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में सात विकेट गंवाकर 253 रन बनाए। टीम की शुरुआत खराब रही थी। राज लिम्बानी ने सैम कोन्सटास को क्लीन बोल्ड किया था। वह खाता भी नहीं खोल सके थे। हालांकि, इसके बाद कप्तान ह्यू वेबगेन ने हैरी डिक्सन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी निभाई। वेबगेन और डिक्सन दोनों अर्धशतक से चूक गए। नमन ने दोनों को पवेलियन भेजा।
वेबगेन 66 गेंद में पांच चौके की मदद से 48 रन और डिक्सन 56 गेंद में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 42 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद हरजस सिंह ने 64 गेंद में तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 55 रन की पारी खेली। रेयान हिक्स ने 20 और राफ मैकमिलन ने दो रन बनाए। चार्ली एंडरसन 13 रन बनाकर आउट हुए। टॉम स्ट्रेकर आठ रन और ओलिवर पीक 46 रन बनाकर नाबाद रहे। राज लिम्बानी ने तीन विकेट लिए। नमन तिवारी ने दो विकेट लिए। वहीं, सौमी पांडे और मुशीर खान को एक-एक विकेट मिला।
254 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत खराब रही थी। अर्शिन कुल्कर्णी तीन रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद आदर्श सिंह और मुशीर खान ने दूसरे विकेट के लिए 37 रन की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी को महली बियर्डमैन ने तोड़ा। उन्होंने पहले मुशीर और फिर कप्तान उदय सहारन को पवेलियन भेजा। मुशीर 33 गेंद में तीन चौके की मदद से 22 रन और उदय आठ रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद पिछले मैच के हीरो सचिन धस भी कुछ खास नहीं कर सके और नौ रन बनाकर पवेलियन चलते बने।
तेज गेंदबाजों के बाद ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर राफ मैकमिलन का जलवा देखने को मिला। उन्होंने सचिन के अलावा अरावेली अवनीश और राज लिम्बानी को पवेलियन भेजा। वहीं, चार्ली एंडरसन ने प्रियांशु मौलिया को और बियर्डमैन ने आदर्श सिंह को आउट किया। आदर्श ने 77 गेंद में चार चौके और एक छक्के की मदद से 47 रन की पारी खेली। आखिर में मुरुगन अभिषेक ने 42 रन जरूर बनाए, लेकिन यह काफी नहीं था। टॉम स्ट्रेकर ने सौमी पांडे को आउट किया और भारतीय पारी को 43.5 ओवर में 174 रन पर समेट दिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से महली बियर्डमैन और मैकमिलन ने तीन-तीन विकेट लिए। वहीं, कैलम वाइडलर को दो विकेट मिले। चार्ली और स्ट्रेकर को एक-एक विकेट मिला।