ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी vs न्यूजीलैंड की गेंदबाजी
ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट में गेंदबाजों को तवज्जो देने की बजाय बल्लेबाजों पर ध्यान दिया है। इस वजह से उन्होंने एक गेंदबाजी ऑलराउंडर की जगह बैटिंग ऑलराउंडर को मौका दिया है। उन्होंने एश्टन एगर की जगह मिचेल मार्श को खिलाया। कंगारू टीम को एकमात्र हार तब मिली थी, जब उन्होंने एगर को इंग्लैंड के खिलाफ मौका दिया था।
वहीं, न्यूजीलैंड की बात करें तो उसने टीम में गेंदबाजों को ज्यादा तरजीह दी है। टीम ने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को मौका दिया। इसमें से सिर्फ मिचेल सैंटनर को ही ऑलराउंडर की श्रेणी में डाला जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया को हार तभी मिली, जब उन्होंने एक गेंदबाज की जगह एक एक्स्ट्रा बल्लेबाज खिलाया। यानी पाकिस्तान के खिलाफ मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान विलियमसन ने एडम मिल्ने की जगह टिम सीफर्ट को खिलाया था और कीवी टीम हार गई थी।
मिडल ओवर्स और स्पिन के बीच देखने को मिलेगी जंग
यह देखने वाली बात होगी कि एशिया के बाहर की दो टीमों के बीच स्पिनर्स क्या रोल अदा करते हैं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दोनों टीमों ने सुपर-12 और सेमीफाइनल में विपक्षी टीमों के स्पिनर्स को बेहतर तरीके से हैंडल किया है। दुबई में स्पिनर्स को मदद मिलती है।
ऐसे में दोनों ही टीमों के बल्लेबाजों को संभल कर रन बनाने होंगे। ऑस्ट्रेलिया के पास एडम जाम्पा और ग्लेन मैक्सवेल के रूप में दो स्पिनर्स हैं। वहीं, न्यूजीलैंड के पास ईश सोढ़ी और मिचेल सैंटनर हैं। ग्लेन फिलिप्स भी पार्ट टाइम स्पिन गेंदबाजी कर लेते हैं।
इस विश्व कप में ऑस्ट्रेलियाई टीम स्पिन के खिलाफ थोड़ी परेशानी में दिखी है। डेविड वार्नर को छोड़कर बाकी छह बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ 100 के स्ट्राइक रेट से भी रन नहीं बना पाए हैं। ऐसे में उन्हें सोढ़ी और सैंटनर परेशानी में डाल सकते हैं। सोढ़ी और सैंटनर दोनों का दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार रहा है।
पिछले दो मैचों में सैंटनर ने मिडिल ओवर्स में सिर्फ तीन ओवर फेंके हैं, क्योंकि विपक्षी टीमों के पास काउंटर के लिए बाएं हाथ का बल्लेबाज मौजूद था। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम वार्नर का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर-12 राउंड से एडम जाम्पा मिडिल ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। वह न्यूजीलैंड के मध्यक्रम पर भी दबाव डालने में कामयाब हो सकते हैं। डेवोन कॉन्वे की गैरमौजूदगी कीवी टीम के लिए भारी पड़ी सकती है। यह देखने वाली बात होगी कि कॉन्वे को कौन रिप्लेस करता है।
उनकी जगह एक और बाएं हाथ के बल्लेबाज मार्क चैपमैन स्क्वॉड में है, लेकिन क्या कीवी टीम पहली बार विश्व कप में उन्हें उतारने का जोखिम उठाएगी? या टीम अनुभवी बल्लेबाज टिम सीफर्ट के साथ जाएगी, यह देखने वाली बात होगी।
विलियमसन कीवी टीम में स्पिन को खेलने वाले सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं, लेकिन विश्व कप में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा है। स्पिन के खिलाफ इस टूर्नामेंट में उन्होंने 81.42 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। जाम्पा और मैक्सवेल के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड खराब रहा है।
जाम्पा के खिलाफ टी-20 में विलियमसन ने 38 गेंदें खेली हैं। इसमें उन्होंने 37 रन बनाए हैं और दो बार आउट हुए हैं। वहीं, मैक्सवेल के खिलाफ 10 गेंदें खेली हैं। इसमें विलियमसन ने छह रन बनाए हैं और दो बार आउट हुए हैं।