अजीत अगरकर के अनुसार भारतीय खिलाड़ी आईपीएल 2021 के अंत तक लय में आ सकते हैं।
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आईपीएल 2021 में भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन ने भारतीय खेमे को चिंता में डाल दिया है। सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और भुवनेश्वर कुमार जैसे खिलाड़ियों के लचर प्रदर्शन के चलते चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आईसीसी के नियमों के अनुसार 10 अक्टूबर तक भारतीय टीम में बदलाव किया जा सकता है। ऐसे में भारतीय टीम में बदलाव की मांग भी उठ रही है। वहीं पूर्व ऑलराउंडर अजीत अगरकर का मानना है कि भारत को अपनी टीम में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो निश्चित रूप से टीम बदली जाएगी, लेकिन इसके अलावा किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करने की जरूरत नहीं है।
चयनकर्ताओं ने आठ सितंबर के दिन टीम इंडिया का ऐलान किया था। इस टीम में शिखर धवन और युजवेन्द्र चहल जैसे खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई थी, जबकि दीपक चाहर, श्रेयस अय्यर और शार्दुल ठाकुर को रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर टीम में रखा गया था। इसके बाद आईपीएल 2021 का दूसरा फेज शुरु हुआ, जिसमें सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या और भुवनेश्वर कुमार ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। वहीं शार्दुल ठाकुर, श्रेयस अय्यर, दीपक चाहर, शिखर धवन और युजवेन्द्र चहल ने अच्छा खेल दिखाया है। ऐसे में यह मांग उठ रही है कि 10 अक्टूबर तक भारतीय टीम में बदलाव करके अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शामिल किया जाना चाहिए।
क्या बोले अगरकर
अजीत अगरकर का मानना है कि भारतीय टीम में किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है। स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड में अगरकर ने कहा "मेरे ख्याल से वर्ल्डकप के लिए एक बार टीम चुनने के बाद आपको कोई बदलाव नहीं करना चाहिए। खिलाड़ियों के चोटिल होने पर बदलाव होना स्वाभाविक है, लेकिन अलग से किसी खिलाड़ी को हटाने की जरूरत नहीं है। यह हकीकत है कि कई खिलाड़ी अभी लय में नहीं हैं, लेकिन सिर्फ एक मैच में ये खिलाड़ी फॉर्म में वापसी कर सकते हैं। आईपीएल के अंत में भी कई खिलाड़ी फॉर्म में वापसी कर सकते हैं।" हाल ही में ईशान किशन ने तूफानी अर्धशतक लगाकर फॉर्म में लौटने के संकेत दिए हैं।
अपने फैसले पर टिके रहना जरूरी
अगरकर ने आगे कहा "अगर आपको लगता है कि यही आपको 15 सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं, जिन्हें आपने वर्ल्डकप के लिए चुना है तो आपके अपने फैसले पर टिके रहना चाहिए। आपको लोगों पर तब भी भरोसा जताना होगा, जब चीजें बहुत अच्छी नहीं होती हैं। क्योंकि चीजें बहुत तेजी से बदल जाती हैं।" भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसे अधिकतर मैच दुबई के मैदान में खेलने हैं, जहां की बाउंड्री काफी बड़ी हैं। इससे स्पिन गेंदबाजों को फायदा मिलेगा और कोहली जैसे बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने की बजाय तेजी से रन भागकर अच्छा स्कोर बना सकते हैं।