कश्मीर घाटी में आगे क्या होगा, कहना मुश्किल है। लेकिन एक चीज जो अभी से साफ दिखने लग गई है, वह यह कि अब वहां इस्लामी खिलाफत की स्थापना के बारे में सोचना असंभव है। अनुच्छेद 370 के हटाए जाने का और कोई लाभ मिले या न मिले, इतना बहुत है कि देश के अंदर एक इस्लामी राज्य नहीं बन सकेगा।
बुरहान वानी ने अपने हर वीडियो में स्पष्ट किया था कि उसकी लड़ाई कश्मीर की आजादी के लिए नहीं, कश्मीर में शरीयत लाने के लिए, इस्लाम के लिए है। वानी जिस जेहादी संस्था का सरगना था, उस हिज्बुल मुजाहिदीन को पाकिस्तान ने कश्मीर में ‘आजादी’ के आंदोलन का चरित्र बदलने के मकसद से बनाया था।