इर्विंग स्टोन की रचनाएं (सांकेतिक)
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सूरजमुखी पेंटिंग
खेतों के बीच बैठ कर विंसेंट ने जो चित्र बनाया है, वे आज विंसेंट के बेहिसाब कीमती पेंटिंग्स हैं। सूरजमुखी नामक पेंटिंग अमूल्य है अभी हाल में उसकी नीलामी हुई थी। सूरजमुखी पेनल को उसने चित्रकार-मूर्तिकार यूजीन हेनरी पॉल गॉगिन के लिए पेंट किया था। मानसिक अस्पताल से निकलने के बाद विंसेंट ने डॉक्टर गाशे की देखरेख में अपने अंतिम दिन बिताए थे। इस डॉक्टर के अनुसार, ‘मिस्टर वॉन गॉग महान कलाकार है। कला के इतिहास में अभी तक ऐसे पीले सूरजमुखी नहीं हुए हैं। मात्र ये कैनवस उसे अमर कर देंगे।’
इसी डॉक्टर ने विंसेंट का मृत्यु लेख पढ़ा, थियो बोलने की स्थिति में न था। कुछ दिन बाद डॉक्टर ने विंसेंट की कब्र के आसपास सूरजमुखी के पौधे लगा दिए। उसने कहा, ‘विंसेंट मरा नहीं है। वह कभी नहीं मरेगा। उसका प्रेम, उसकी बौद्धिकता, उसका सृजित महान सौंदर्य सदैव रहेगा, संसार को समृद्ध करेगा, वह विशाल था...एक महान पेंटर...महान दार्शनिक... अपने कला-प्रेम के लिए शहीद।’
इर्विंग स्टोन लिखते हैं, पाठक पूछ सकता है, ‘इस कहानी कितनी सत्य कितना है?’ उत्तर में वे लिखते हैं, संवाद उन्होंने दोबारा रचे हैं, इसमें कभी कदा कल्पना का सहारा लिया है। उन्होंने कुछ तकनीकि स्वतंत्रंता ली हैं, अन्यथा किताब पूर्णरूपेण सत्य है।
विंसेंट वॉन गॉग का जन्म 30 मार्च 1853 को एक महान परिवार में हुआ था। गॉग परिवार यूरोप में पेंटिंग बेचने का सर्वाधिक प्रसिद्ध डीलर था। थियोडोर गॉग तथा आना कोएनेलिया की तीन बेटियां तथा दो बेटे थे। विंसेंट बड़ा बेटा था। दोनों भाई पहले इसी व्यापार में लगे हुए थे। मगर विंसेंट खुद चित्रकारी की दिशा में मुड़ गया। चित्रकारी जिसके लिए बहुत रकम की आवश्यकता होती है। ब्रश, कैनवस, रंग खरीदने होते हैं। तिस पर विंसेंट पागलों की तरह पेंट करता था।
उसने दस साल की अवधि में बहुत मैच्योर पेंटिंग की और करीब छ: पेंटिंग तथा आठ सौ से ऊपर ड्रॉइंग बनाईं। कभी पैसों की चिंता नहीं की। वह केवल और केवल जिंदगी को समझना चाहता था और उसे पेंट करना चाहता था।
ऐसा सरल हृदय था, चित्रकार विंसेंट वॉन गॉग। जिंदगी भर पैसों की किल्लत रही, मरने के बाद दूसरों को अमीर बना रहा है। हो सके तो ‘लस्ट फॉर लाइफ’ अवश्य पढ़ें और ‘डियर थियो’ डॉक्यूमेंट्री देखें।
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