औरतों के लिए आगे बढ़ने, खुद को साबित करने का निर्णय लेना और फिर इस निर्णय को सही साबित करना कभी भी आसान नहीं रहा है और आगे भी चुनौतियां तो आएंगी ही। लेकिन वो जिंदगी ही क्या जहां रास्ते में कोई स्पीड ब्रेकर, कोई गड्ढा न मिले। इन सबके पार ही तो है वो आसमान जहां फिनिशिंग लाइन स्वागत कर रही होती है और विजेता का ताज सिर पर सजता है। तो प्यारी फातिमा तुम निश्चिन्त हो, मुस्कुराती रहना। क्योंकि तुम मुस्कुराओगी तो धीरज बंधेगा कि कल की सुबह और भी हसीन होगी, तुम मुस्कुराओगी तो चैन मिलेगा कि कल इस मैदान पर तुम्हारे नाम की भी गूंज उठेगी।
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