भारत में भी शिक्षक अपना शत प्रतिशत दे रहे हैं- सांकेतिक तस्वीर
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अभी हाल ही में आई फिल्म 'सुपर थर्टी' के मुख्य किरदार 'आनंद कुमार' एक शिक्षक ही तो हैं। जो पिछले कई वर्षों से लगातार निःस्वार्थ भाव से, हर साल 30 गरीब छात्रों को आई आई टी की परीक्षा के लिए तैयार करते हैं। साथ ही उनका मार्गदर्शन भी करते हैं, ताकि उन बच्चों के जीवन से अंधेरा मिटाया जा सके और उन्हें रोशनी की ऐसी मशाल थमा दी जाए, जिससे पूरी दुनिया रोशन हो उठे।
उनकी यह मानव सेवा बदस्तूर जारी है। आज उनके पढ़ाए बच्चे दुनिया की टॉप कंपनियों की कमान संभाले हुए हैं। भारत के इन बेमिसाल शिक्षकों को दुनिया सलाम करती है, जिन्होंने भारत को मजबूत राष्ट्र बनाने में अपना अहम योगदान दिया है, और लगातार दे रहे हैं।
वर्तमान समय में कोरोना महामारी से दुनिया बेहाल है, ऐसे में भी भारत के महान शिल्पकार अपने ज्ञान से छात्रों की जिंदगियां रोशन करने में लगे हैं। दुनियाभर के देशों में ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। भारत में भी शिक्षक अपना शत प्रतिशत दे रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई परंपरागत तरीके से दी जाने वाली शिक्षा से बिल्कुल अलग है, इसमे कई तरह की परेशानी भी हैं, कहीं बिजली नहीं है, तो कहीं
मोबाइल में नेटवर्क नहीं है, तो कहीं बच्चों के पास मोबाइल ही नहीं है। ऐसे में शिक्षा देना, शिक्षक के लिए बहुत कठिनाई भरा है। एनसीईआरटी के एक सर्वे के मुताबिक, जो लगभग 34000 से ज्यादा लोगों पर किया गया था।
देश के 27 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं है। लगभग 28 प्रतिशत लोगों के पास बिजली की पहुंच न होने के कारण, ऑनलाइन क्लास संभव नहीं हो पा रही है।
ऐसे में देश के लिए उदाहरण बन रहा है, हरियाणा का 'नूह' जिला जहां 'शिक्षा दूतों' के माध्यम से ऑफलाइन मोहल्ला पाठशाला लगाई जा रही है और बच्चों में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए शिक्षा दी जा रही है। निश्चित तौर पर इन शिक्षकों की सेवा न देश भूलेगा और न ही देश के विद्यार्थी। जो वैश्विक महामारी के इस दौर में भी राष्ट्र के निर्माण में अपना अहम योगदान देने में लगे हुए हैं।
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