चार साल बाद पेमा सिडेन ने Xunzhao zhimei gengdeng, इंग्लिश शीर्षक ‘द सर्च’ फिल्म बनाई और दो पुरस्कार जीते। करीब दो घंटे की इस फिल्म में एक फिल्म बनाने वाला अपनी टीम के साथ, अपने तिब्बती ऑपेरा (ड्रिम कुंदन) में काम करने केलिए अभिनेता-अभिनेत्री की खोज करते हुए हिमालय में यात्रा कर रहा है। पेमा सिडेन अपनी फिल्म की कहानी स्वयं लिखते थे। ‘द सर्च’ में प्रिंस कुंदन की कहानी भी खुलती चलती है। बौद्ध कथा में दयालु राजा कुंदन दूसरों के लिए अपना सबकुछ, पत्नी-बच्चे यहां तककि अपनी आंखें भी बलिदान कर देता है।
इस राजा का जिक्र सिडेन की पहली फिल्म में भी आता है, जब तिब्बत के नए साल का जश्न चल रहा है और बच्चे-युवा-वृद्ध सब इस कहानी का आनंद ले रहे हैं। ‘द सर्च’ में यात्रा के दौरान निर्देशक अपनी टीम के साथ कई लोगों से मिलता है और ऑडीशन करता है। फिल्म के बीच में एक रहस्यमयी लड़की भी आती है।
यात्रा के दौरान कार में अमेरिका में बसे एक तिब्बती लोकप्रिय गायक का गाया गाना बराबर बजता है। एक युवा तिब्बती एक नाइटक्लब में गिटार पर इंग्लिश गाना गा रहा है। यहां परम्परा और आधुनिकता साथ नजर आती है। एक समीक्षक ने ‘द सर्च’ को हिमालय की आत्मा की खोज नाम दिया है।
फिल्म- ‘ओल्ड डॉग’
उनकी तीसरी फिल्म ‘ओल्ड डॉग’ ने तिब्बती सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय फलक पर स्थापित कर दिया। यह उनकी दोनों पिछली फिल्म से हट कर है। इसका संदेश बहुत स्पष्ट है। यहां पेमा सिडेन का गुस्सा दीखता है, उनका दर्द, उनका नैराश्य, उनकी हताशा नजर आती है। हालांकि कहानी बहुत सीधी चलती है। चीन के नवधनाड्य लोगों के बीच तिब्बती कुत्तों की मांग अचानक बढ़ जाती है। अब या तो घुमक्कड़ तिब्बतियों के मस्टिफ प्रजाति के कुत्ते बेचे जा रहे हैं, अथवा चुराए जा रहे हैं। इसी बीच एक बूढ़े घुमक्कड़ तिब्बती का निठल्ला, पियक्कड़, नपुंसक बेटा उनका बूढ़ा कुत्ता एक स्थानीय चीनी व्यापारी को बेचना चाहता है, उसका पिता ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता है।
बूढ़े का कहना है, ‘मैं खुद को बेच दूंगा, कुत्ते को नहीं।’ कारण कुत्ता घुमक्कड़ों की सबसे कीमती सम्पत्ति होती है। एक अन्य घुमक्कड़ समुदाय का व्यक्ति बिचौलिए का काम करता है। वह बूढ़े को अच्छे दाम का लालच देता है, कुत्ता चुराने की कोशिश करता है। बूढ़े के सारे प्रयासों के बावजूद कुत्ता चीनी व्यापारी के पास पहुंच जाता है। यहां चारागाह के स्थान पर अब सपाट उजाड़ है। सिडेन की इस पॉवरफुल फिल्म में कंटीली बाढ़ सांकेतिक रूप से बहुत कुछ कहती है। जगह-जगह कचड़े के ढ़ेर हैं।
‘जिंपा’ में अपराध बोध से ग्रसित एक ट्रक ड्राइवर की कहानी चलती है। एक दुर्घटना में उसका ट्रक एक भेंड़ पर चढ़ गया था और रास्ते में उसे एक हिचहाइकर मिलता है, दोनों में दोस्ती हो जाती है, और दोनों का जीवन बदल जाता है। पेमा सिडेन चाइना एकेडमी ऑफ आर्ट में पढ़ा रहे थे, वे चाइनीज फिल्म-लिटेरेचर एसोसिएशन के सदस्य थे। ऐसे कुशल, प्रतिभाशाली फिल्म निर्देशक पेमा सिडेन का 8 मई 2023 को मात्र 54 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। नि:संदेह तिब्बती सिनेमा की अपूर्णीय क्षति हुई है।
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