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विश्व कप 2023 विशेष: वानखेड़े स्टेडियम और क्रिकेट वर्ल्ड कप का रोमांच

सार

वर्ष 1987 के वर्ल्ड कप में वानखेड़े स्टेडियम ने भारत-जिम्बॉब्वे और भारत-इंग्लैंड के मैचों की मेजबानी की थी। भारत ने जिम्बॉब्वे पर 8 विकेट से जीत दर्ज की थी और उस मैच में जिम्बॉब्वे मात्र 135 रन पर सिमट गया था।
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भारत बनाम न्यूजीलैंड: आज भारत फाइनल में जगह बनाने और साल 2019 में मिली हार का बदला लेने उतरेगा। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, मरीन ड्राइव के सामने दूर तक फैला अरब सागर और उसी के किनारे पर सीना चौड़ा करे खड़ा प्रसिद्ध वानखेड़े स्टेडियम, जहां भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 का सेमीफाइनल खेला जाना है। 49 साल पहले बने वानखेड़े स्टेडियम ने क्रिकेट की कई स्मृतियों को संजोया हुआ है। यह बड़े स्कोरों का साक्षी रहा है तो टीमों को लड़खड़ाकर घुटनों पर बैठते भी देखा है। वर्ष 1974 में बने वानखेड़े स्टेडियम ने वर्ष 2011 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की जीत का जश्न भी मनाया है।

कुछ ऐसा है ये मैदान

यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित और विशेष चुनिंदा स्टेडियम में भी एक है। वानखेड़े स्टेडियम पर क्रिकेट वर्ल्ड कप में खेले गए अधिकांश मैचों की खास बात यह रही है कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के जीतने का आंकड़ा ज्यादा बेहतर है। भले वर्ष 1987 का वर्ल्ड कप हो, 1996 का वर्ल्ड कप हो, 2011 का वर्ल्ड कप हो या फिर मौजूद वर्ल्ड कप।

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वर्ष 1987 के वर्ल्ड कप में वानखेड़े स्टेडियम ने भारत-जिम्बॉब्वे और भारत-इंग्लैंड के मैचों की मेजबानी की थी। भारत ने जिम्बॉब्वे पर 8 विकेट से जीत दर्ज की थी और उस मैच में जिम्बॉब्वे मात्र 135 रन पर सिमट गया था। भारत में दो विकेट के नुकसान पर 136 रन मात्र 27.5 ओवर में बना लिए थे, लेकिन भारत इंग्लैंड के हाथों 35 रनों से हार गया था। उस मैच में इंग्लैंड ने 254 रन बनाए थे और भारत की पारी 219 रनों पर सिमट गई थी।

वर्ष 1996 के वर्ल्ड कप में यहां केवल भारत-ऑस्ट्रेलिया का मैच हुआ था, जिसमें भारत मात्र 16 रनों से हार गया था। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया की ओर से मार्क वॉग ने 126 रनों की पारी खेली थी और भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर 90 रन बनाकर आउट हुए थे। ऑस्ट्रेलिया ने 258 रन बनाए थे और भारत 242 रन पर आउट हो गया था।
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वर्ष 2011 के वर्ल्ड कप में यहां तीन मैच खेले गए। न्यूजीलैंड-कनाडा के मैच में न्यूजीलैंड ने 358 रन बनाए थे और कनाडा 261 रन पर आउट हो गया था। श्रीलंका-न्यूजीलैंड के मैच में श्रीलंका ने पहले खेलते हुए 265 रन बनाए थे और न्यूजीलैंड 153 रन ही बन सका था, लेकिन फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराया था।

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वानखेड़े स्टेडियम में ही आज भारत बनाम न्यूजीलैंड का सेमीफाइनल का मुकाबला खेला जाएगा। - फोटो : twitter@BCCI
उस समय पहले खेलते हुए श्रीलंका ने 50 ओवर में 274 बनाए थे और भारत ने यह लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया था। उस मैच में गौतम गंभीर ने 97 रन की पारी खेली थी, लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की 91 रनों की नाबाद पारी को ज्यादा याद किया जाता है। वर्ष 2011 की विजय टीम के मात्र एक सदस्य विराट कोहली मौजूदा टीम में शामिल हैं। बाकी सभी खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं।

पहले खेलने वाली टीम ने बनाए हैं बड़े स्कोर

जहां तक मौजूद वर्ल्ड कप की बात है तो अब तक तीन मैच वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए हैं। पहले खेलने वाली टीम ने बड़े स्कोर खड़े किए हैं। 21 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका- इंग्लैंड के बीच मैच खेला गया, जिसमें साउथ अफ्रीका ने 399 रन बनाए थे और इंग्लैंड 170 रनों पारी सिमट गया था। 24 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका-बांग्लादेश के मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले खेलते हुए 382 रन बनाए थे और बांग्लादेश 233 रन पर आउट हो गया था।

भारत ने 2 नवंबर को यहां पहले बल्लेबाजी करते हुए 357 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और श्रीलंका की टीम मात्र 55 रन पर ऑल आउट हो गई थी। 7 नवंबर को अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया जैसी प्रतिष्ठित टीम के आगे 50 ओवर में 291 रन बना दिए थे और ऑस्ट्रेलिया की पारी 91 रन पर 7 विकेट गंवाकर लड़खड़ा गई थी। हालांकि, ग्लेन मैक्सवेल के साहसिक 201 रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया जीतने में कामयाब रहा था, लेकिन यह मैच करीब-करीब अफगानिस्तान ने अपने नाम कर ही लिया था।

न्यूजीलैंड और भारत के बीच में सेमीफाइनल में टॉस एक अहम भूमिका निभा सकता है। टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना चाहेगी, क्योंकि यहां रनों का पीछा करना आसान नहीं दिख रहा है। खासकर मौजूद वर्ल्ड कप में दूसरी पारी में खेलने वाली टीमों को संघर्ष करना पड़ा है। भारत वर्ल्ड कप 2023 को जीतने से मात्र दो मैच दूर है। अब तक वर्ल्ड कप में उसका सफर शानदार रहा है, लेकिन सेमीफाइनल का प्रेशर आसान नहीं होता। क्रिकेट फैन्स को उम्मीद है कि वानखेड़े स्टेडियम एक बार फिर भारत के क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अपना नाम दर्ज कराएगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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