फिल्म ‘कडवु’ (1991)
‘सदयं’ भी सिबि मलयाली द्वारा निर्देशित है, मोहनलाल यहां भी हैं। कहानी और स्क्रीनप्ले एम. टी. वासुदेवन का है। इसमें वे एक सजायाफ्ता कैदी के अंतिम दिनों को चित्रित करते हैं। कहानी चूंकि दो बच्चियों हत्या से जुड़ी है अत: रहस्य धीरे-धीरे खुलता है। फिल्म को एकमात्र पुरस्कार, रजत कमल स्क्रीनप्ले लेखन के लिए मिला है। ‘कडवु’ (1991) का निर्देशन स्वयं एम. टी. ने किया है। यहां कहानी भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कृत रचनाकार एस. के. पोट्टेकाट की है और स्क्रीनप्ले एम. टी. ने लिखा है।
‘ए नॉर्दन स्टोरी ऑफ वैलर’ फिल्म का निर्देशन टी हरिहरन ने किया है और लेखन एम. टी. का है। यह बहादुरी की गाथा दो वीरों की लड़ाई को दिखाती है। नायक यहां एक बार फिर मम्मूट्टि हैं। 1980 की फिल्म ‘ओप्पोल’ के स्क्रीनप्ले में एम. टी. बाल मनोविज्ञान को प्रस्तुत करते हैं। इसका निर्देशन उन्होंने नहीं किया है, निर्देशक के. एस. सेतुमाधवन हैं। एक छोटा बच्चा अपनी मां को अपनी बड़ी बहन समझता है और जब यह स्त्री गोविंदन से शादी करती है तो बच्चा ईर्ष्या से भर उठता है।
पौने तीन घंटे की फिल्म ‘परिणयं’ में निर्देशन एक बार फिर टी. हरिहरान ने किया है जिसे एम. टी. ने लिखा है। यहां वे समाज की कुरीति को चित्रित करते हैं। 17 साल की किशोरी उन्नीमाया को एक बूढ़े के पल्ले बांध दिया जाता है और जब वह मर जाता है तो समुदाय उसे दुत्कारता है। वह माधवन के प्रेम में पड़ कर गर्भवती हो जाती है।
फिल्म ‘चेरु पुन्चिरी’ (2000)
माधवन कथकली कलाकार है मगर ‘चेरु पुन्चिरी’ (2000) में एक वयोवृद्ध युगल है जो अपना जीवन समारोह पूर्वक व्यतीत कर रहे हैं। दोनों एक-दूसरे के साथ प्रसन्न हैं। यहां लेखन और निर्देशन दोनों एम. टी. वासुदेव नायर का है। इस फिल्म को बंबई इंटरनेशनल फिल्म समारोह में पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
एक अन्य मार्मिक फिल्म ‘पेरुन्तच्चन’ इंग्लिस में ‘द मास्टर कारपेंटर’ नाम से उपलब्ध है। 1991 की सवा दो घंटे से कुछ ऊपर अवधि की इस फिल्म का लेखन भी एम. टी. ने किया है। निर्देशन अजयन का है। इस फिल्म में पेरुन्तच्चन एक सिविख्यात कारपेंटर है जो अपने समय के सामाजिक नियमों का कड़ाई से पालन करता है। जब उसका अपना बेटा कन्नन बड़ा हो कर उन नियमों के प्रति विद्रोह करता है, तो वह उसे भी नहीं छोड़ता है।
एम. टी. वासुदेवन नायर ने और बहुत सारी फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिखा है। उमर होने के बावजूद वे बहुत सक्रिय हैं।
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