काली कमाई का कुबेर यादव सिंह मथुरा में बड़ी कॉलोनी बनाना चाहता था। इसके लिए मथुरा-आगरा के बीच में हाईवे किनारे 4.038 हेक्टेयर जमीन भी खरीद ली गई थी।
फरह ब्लाक के कुरकंदा क्षेत्र में खरीदी गई इस जमीन के सौदे में उस समय के कुछ अफसरों ने भी उसका सहयोग किया था। अब ईडी ने इस संपत्ति को अटैच कर लिया है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में चीफ इंजीनियर रहते हुए बड़े घोटाले करने वाले यादव सिंह ने मथुरा में 2010 में जमीन खरीदी थी। जमीन आगरा और मथुरा के सेंटर प्वाइंट फरह ब्लाक के कुरकुंदा क्षेत्र में खरीदी गई।
हाईवे किनारे है जमीन
फाइल फोटो
यह जमीन हाईवे के किनारे की है। मौजूदी समय में इसकी कीमत सात करोड़ से भी अधिक बताई जा रही है। बताया गया है कि जमीन का सौदा करने के लिए यादव सिंह अपने कुछ साथियों के साथ एक सप्ताह तक मथुरा में रहा था।
उस वक्त मथुरा में कुछ अधिकारी भी यादव सिंह के मिलने वाले थे, जिन्होंने भी जमीन खरीद में उसका सहयोग किया था। यादव सिंह ने जहां जमीन खरीदी थी। आज वहां फ्लैट भी बन रहे हैं।
यादव सिंह भी एक बड़ी कॉलोनी यहां बनाना चाहता था। हालांकि उस वक्त तो जमीन कृषि भूमि में ली गई थी, लेकिन बाद में भूमि की श्रेणी बदलवाने की तैयारी शुरू कर दी थी।
कई अफसरों ने बुक कराए थे फ्लैट
सांकेतिक चित्र
4.038 हेक्टेयर की यह जमीन यादव सिंह ने पत्नी कुसुमलता के नाम से खरीदी थी। बताया जाता है कि इस कॉलोनी को तैयार करने के बाद मथुरा में कुछ दूसरे स्थानों पर भी कॉलोनियां बनाई जानी थीं।
यादव सिंह मथुरा में जो कॉलोनी बनाने की तैयारी कर रहा था, उसमें कई अफसरों के फ्लैट भी बनाए जाने थे। इनमें कई अधिकारी तो वो थे जो यादव सिंह के साथ कभी न कभी प्राधिकरण में रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि कई अधिकारियों और यादव सिंह के दोस्तों ने फ्लैट के लिए एडवांस भी दे दिया था। लेकिन अब सभी को अपनी रकम भी डूबी हुई लग रही है।