विश्व पुस्तक मेला सिर्फ किताबों से रूबरू होने का जरिया नहीं है, बल्कि यहां पाठकों को भारतीय समेत विदेशी लेखकों की कहानियों के माध्यम से वहां की भाषा, सोच व इतिहास से रूबरू होने का मौका भी मिलता है।
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इंटरनेट के चलते बेशक पाठक कम होने की बात कही जाती है, लेकिन पुस्तक मेले में दर्शकों की बढ़ती संख्या दर्शाती है कि हर आयु वर्ग का व्यक्ति किताब से एक अलग रूप से जुड़ा हुआ है। ये बातें मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री (उच्च शिक्षा ) डॉ. महेंद्रनाथ पांडे ने विश्व पुस्तक मेले के उद्घाटन मौके पर कहीं।
प्रगति मैदान में शनिवार को राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के 60 वर्ष और महिला लेखन थीम के तहत विश्व पुस्तक मेले का धूमधाम से आगाज हो गया। हंस ध्वनि थियेटर में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बल्देव भाई शर्मा ने मेले की जानकारी दर्शकों को दी।
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डिजिटल साहित्य के बारे में जानने के लिए बाल जिज्ञासुओं की भीड़ उमड़ी रही
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- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित ओड़िया लेखिका प्रतिभा राय समेत भारत में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के राजदूत टोमाश कोजलौस्की व आईटीपीओ के अध्यक्ष एलसी गोयल भी मौजूद रहे। एनबीटी के अध्यक्ष बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि मेले में पहली बार भारतीय भाषाओं की सर्वाधिक बिकने वाली किताबों को भी प्रदर्शित किया गया है। डिजिटल साहित्य और अन्य किताबों के बारे में जानने के लिए बाल जिज्ञासुओं की भीड़ उमड़ी रही।
बच्चों की किताबों के कई स्टॉल लगे हैं
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- फोटो : अमर उजाला
हॉल नंबर सात में एनबीटी की सर्वाधिक बिकने वाली पुस्तकों में से तीन सौ ऐसी पुस्तकों को प्रदर्शन किया जा रहा है, जोकि वर्ष 2001 -2016 के बीच सभी भाषा संस्करणों में संयुक्त बिक्री एक से दस लाख प्रति रही हो। इसमें जोरासंको हाउस एक सबसे खास है, जिसकी करीब पौने 11 लाख प्रतियां बिकी हैं। बच्चों की किताबों के कई स्टॉल लगे हैं।
मेले में महिला सशक्तिकरण को भी दिखाया गया है
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- फोटो : अमर उजाला
बंगला भाषा में यह पुस्तक रविंद्रनाथ टैगोर के जीवन व घर पर आधारित है। इसके अलावा मेले में महिला सशक्तिकरण को भी दिखाया गया है। इसमें महिला लेखकों को विशेष रूप से फोटो व वे किन विषयों पर सर्वाधिक अपनी बात रखती थीं, उसके बारे में भी जानने का मौका मिलेगा।
पहली बार किताबों की बिक्री डिजिटल पैमेंट के माध्यम से हो रही है
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- फोटो : अमर उजाला
मेले में बालीवुड अभिनेता व बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने विशेष रूप से शिरकत करते हुए विचार गोष्ठी में भाग लिया। एनबीटी सदस्यता का भुगतान डिजिटल पैमेंट से नोटबंदी के बाद पुस्तक मेले में पहली बार किताबों की बिक्री डिजिटल पैमेंट के माध्यम से हो रही है। इसी के तहत डॉ. महेंद्र पांडे ने राष्ट्रीय पुस्तक न्याय की सदस्यता का सौ रुपये का भुगतान डिजिटल पैमेंट के माध्यम से किया।